֍:सरकार ने की अपील§ֆ:सरकार ने किसानों से अपील की है कि समर्थन मूल्य का अधिक लाभ लेने के लिए किसान अधिक से अधिक गेहूं की बुवाई करें. किसानों को यह भी बताया गया है उन्हें गेहूं बिक्री के लिए पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा.§֍:डीबीटी पोर्टल पर कराना होगा रजिस्ट्रेशन§ֆ:बिहार सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे गेहूं बिक्री के लिए सरकारी पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं. राज्य में रबी फसलों का कुल रकबा लगभग 40 लाख हेक्टेयर है जिसमें 26 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई होती है. यानी 50 फीसद से भी अधिक क्षेत्रों में गेहूं की खेती होती है. ऐसे में किसान सरकार की समर्थन मूल्य योजना यानी कि MSP का आसानी से लाभ उठा सकते हैं. लेकिन उन्हें इसके लिए कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. डीबीटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने का एक बड़ा फायदा ये होगा कि किसान नजदीकी सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बेचकर सीधे अपने बैंक खाते में 48 घंटे के भीतर पेमेंट पा सकते हैं. §֍:हर स्तर पर बनाए जाएंगे केंद्र§ֆ:बिहार सरकार की तरफ से कहा गया है कि एफसीआई सभी राजस्व जिलों में पर्याप्त गेहूं खरीद केंद्र बनाएगा और बिहार सरकार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और व्यापार मंडल हर पंचायत और ब्लॉक स्तर पर गेहूं खरीद केंद्र बनाएगा. खरीद की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. इसमें खेत के मालिक या बटाईदार किसान कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर धान या गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इसमें जो रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, उस नंबर से सहकारिता विभाग के पोर्टल पर आवेदन करना होगा. जिन किसानों ने बिहार सरकार के डीबीटी पोर्टल पर पहले रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें दोबारा कराने की जरूरत नहीं है. पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर और जमीन का विवरण भी दर्ज करना होगा. §भारत में रबी सीजन शुरु हो गया है. किसान अब बुवाई में जुट गए हैं. इसी के चलते बिहार सरकार ने किसानों के लिए सौगात दी है. दरअसल, गेहूं की फसल पर समर्थन मूल्य में 150 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है. ये बढ़ोतरी 2025-26 सीजन में लागू होगी. यह रबी का अगला सीजन होगा जिसमें किसान अपना गेहूं बेच पाएंगे. इस तरह बढ़े समर्थन मूल्य के बाद किसान अपना गेहूं 2425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेच पाएंगे. किसानों से उनका गेहूं सरकारी खरीद केंद्रों पर खरीदा जाएगा.

