दिल्ली की सड़कों पर वाहन चलाने वालों के लिए अब नियम और सख्त हो गए हैं। बढ़ते प्रदूषण को काबू में करने के लिए सरकार ने ‘No PUC, No Fuel’ नीति को पूरी सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है। इसका सीधा मतलब है—अगर आपके वाहन के पास वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं है, तो आपको पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस नियम में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक में इस नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और इसे नियंत्रित करने के लिए अब कड़े कदम उठाना जरूरी है। सरकार का मानना है कि बड़ी संख्या में ऐसे वाहन सड़कों पर चल रहे हैं जिनके पास वैध PUC सर्टिफिकेट नहीं है, और यही वाहन प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
दरअसल, ‘No PUC, No Fuel’ नियम को पिछले साल दिसंबर में ही लागू किया गया था, लेकिन इसके पालन में ढिलाई देखने को मिल रही थी। अब सरकार ने इसे लेकर सख्त रुख अपनाया है। नए आदेश के अनुसार, राजधानी के सभी पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल उन्हीं वाहनों को ईंधन दें जिनके पास वैध PUC सर्टिफिकेट हो। नियम तोड़ने पर पंप संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस फैसले का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। कई पेट्रोल पंपों पर बिना PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों को फ्यूल देने से साफ इनकार किया जा रहा है। इसके चलते कुछ जगहों पर लंबी कतारें और हल्की अव्यवस्था की स्थिति भी देखने को मिली है। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि स्थिति को संभालने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं और जल्द ही व्यवस्था सामान्य हो जाएगी।
सरकार ने इस नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कई विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें फूड एंड सप्लाई विभाग, ट्रांसपोर्ट विभाग, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस शामिल हैं। सभी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना और वाहन जब्त करने तक की कार्रवाई शामिल है।
सरकार का कहना है कि यह कदम आम जनता की परेशानी बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सेहत और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि सभी वाहन मालिक समय पर अपना PUC सर्टिफिकेट बनवाएं, तो प्रदूषण के स्तर में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है।
अब साफ है कि दिल्ली में वाहन चलाना है तो नियमों का पालन करना ही होगा। ‘No PUC, No Fuel’ केवल एक नियम नहीं, बल्कि प्रदूषण के खिलाफ एक सख्त अभियान बन चुका है।

