देश के युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और कल्टस एजुकेशन ने अमेज़ॅन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) के सहयोग से देशव्यापी क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कौशल पहल शुरू करने की घोषणा की है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल का विशेष फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं पर रहेगा।
इस कार्यक्रम के माध्यम से 1.50 लाख शिक्षार्थियों को मूलभूत क्लाउड और एआई साक्षरता प्रदान करने तथा 10,000 प्रतिभागियों को गहन, नौकरी के लिए तैयार क्लाउड और एआई कौशल से प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को इस पहल से जोड़ने की योजना है। विशेष रूप से कम सुविधा वाले समुदायों और उभरते हुए टैलेंट हब के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि यह पहल ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि भविष्य के अवसर युवाओं की भौगोलिक स्थिति या सामाजिक पृष्ठभूमि पर निर्भर नहीं होने चाहिए। भारत को नवाचार, तकनीक और प्रतिभा का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं को भी भविष्य की नौकरियों के लिए आवश्यक कौशल हासिल करने का समान अवसर मिलना जरूरी है।
एडब्ल्यूएस री/स्टार्ट से मिलेगा गहन प्रशिक्षण
इस पहल में ‘एडब्ल्यूएस री/स्टार्ट’ कार्यक्रम और एडब्ल्यूएस की डिजिटल प्रशिक्षण सामग्री का उपयोग किया जाएगा। एडब्ल्यूएस री/स्टार्ट एक नि:शुल्क, समूह-आधारित कार्यबल विकास कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को क्लाउड कंप्यूटिंग में रोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल प्रदान किए जाते हैं।
एनएसडीसी द्वारा चुने गए डिलीवरी पार्टनर कल्टस एजुकेशन के माध्यम से यह कार्यक्रम 100 प्रतिशत ऑनलाइन संचालित किया जाएगा। इससे टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं को बड़े महानगरों में स्थानांतरित हुए बिना उच्च गुणवत्ता वाला तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
प्रतिभागी ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण यात्रा शुरू कर सकेंगे। शुरुआती चरण में वे अपनी गति के अनुसार एडब्ल्यूएस की डिजिटल प्रशिक्षण सामग्री के जरिए एआई और क्लाउड के मूलभूत सिद्धांत सीखेंगे। अपनी तैयारी और क्षमता का प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आगे एडब्ल्यूएस री/स्टार्ट कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
क्लाउड, नेटवर्किंग और साइबर सुरक्षा पर प्रशिक्षण
एडब्ल्यूएस री/स्टार्ट के तहत प्रशिक्षक के नेतृत्व में क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, नेटवर्किंग, सुरक्षा और एआई के मूलभूत सिद्धांतों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिभागियों को प्रोग्रामिंग, नेटवर्किंग, सुरक्षा और रिलेशनल डेटाबेस जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान वास्तविक जीवन की परिस्थितियों पर आधारित शिक्षण, व्यावहारिक लैब और कोर्सवर्क का उपयोग किया जाएगा। पेशेवर मेंटर्स और मान्यता प्राप्त प्रशिक्षकों की सहायता से प्रतिभागियों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले शिक्षार्थियों को एडब्ल्यूएस का प्रमाणपत्र मिलेगा, जो उनके क्लाउड कंप्यूटिंग कौशल को प्रमाणित करने वाला उद्योग-मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र होगा। इसके साथ ही उन्हें स्थानीय नियोक्ताओं के साथ जोड़ने और योग्यता-आधारित साक्षात्कार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
राष्ट्रीय हैकथॉन के साथ होगा समापन
इस पहल का समापन एक राष्ट्रीय हैकथॉन के साथ होगा। इसमें प्रतिभागियों को अपने क्लाउड और एआई आधारित समाधानों को हायरिंग मैनेजरों, उद्योग जगत के नेताओं और अन्य प्रमुख हितधारकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इससे युवाओं को अपने तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करने के साथ-साथ रोजगार और उद्योग से जुड़ने का मंच भी मिलेगा।
एडब्ल्यूएस स्किलिंग एंड सोशल इंपैक्ट की एपीजेसी लीड रानी बर्चमोर ने कहा कि एडब्ल्यूएस री/स्टार्ट नए प्रतिभाओं को कार्यबल में लाने में मदद करता है। इससे युवाओं को क्लाउड क्षेत्र में करियर शुरू करने का अवसर मिलता है, वहीं कंपनियों को आवश्यक प्रतिभा उपलब्ध होती है और स्थानीय समुदायों को आर्थिक प्रगति का लाभ मिलता है।
कल्टस एजुकेशन के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर नलिन सिंह ने कहा कि कौशल विकास की वास्तविक सफलता तभी मानी जा सकती है, जब प्रशिक्षण आत्मविश्वास, प्रमाण-पत्र और सार्थक रोजगार के अवसरों में बदल सके। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महानगरों से आगे बढ़कर देश के उभरते टैलेंट हब तक वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक क्लाउड और एआई कौशल पहुंचाना है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के मुख्य परिचालन अधिकारी प्रशांत सिन्हा भी उपस्थित रहे। यह पहल भारत के छोटे शहरों और उभरते तकनीकी केंद्रों के युवाओं के लिए डिजिटल कौशल, प्रमाणन और रोजगार के बीच एक मजबूत कड़ी स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

