केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी PM-KISAN Scheme (प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि) योजना के तहत अब तक किसानों को बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। फरवरी 2019 में शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत अब तक 22 किश्तों में 4.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
इस योजना का उद्देश्य देश के खेती योग्य भूमि धारक किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है। इसके तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता तीन समान किश्तों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजी जाती है।
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 19 नवंबर 2025 को जारी की गई 21वीं किश्त के दौरान 9.35 करोड़ से अधिक किसानों को इसका लाभ मिला।
योजना के प्रभाव को लेकर कई स्वतंत्र अध्ययनों में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। International Food Policy Research Institute (आईएफपीआरआई) द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। इससे किसानों की ऋण पर निर्भरता कम हुई है और कृषि निवेश में वृद्धि हुई है। साथ ही, किसानों की जोखिम उठाने की क्षमता भी बढ़ी है, जिससे वे अधिक उत्पादक निवेश कर पा रहे हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किसान कॉल सेंटर के माध्यम से किए गए सर्वे में सामने आया कि 93% से अधिक किसान इस राशि का उपयोग कृषि कार्यों में कर रहे हैं। वहीं, NITI Aayog के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) के अध्ययन में पाया गया कि 92% से अधिक किसान इस सहायता राशि का उपयोग बीज, उर्वरक और कीटनाशकों जैसे आवश्यक कृषि निवेशों में कर रहे हैं।
अध्ययन के अनुसार, लगभग 85% किसानों की आय में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि फसल खराब होने या आपात स्थिति में उन्हें अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता भी कम हुई है। यह योजना गरीबी उन्मूलन, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी अहम योगदान दे रही है।
किसानों की सुविधा के लिए पीएम-किसान पोर्टल पर ‘किसान कॉर्नर’ उपलब्ध है, जहां वे अपनी लाभार्थी स्थिति और भुगतान की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, ‘Know Your Status’ फीचर के जरिए किसान अपनी पात्रता भी जांच सकते हैं।
डिजिटल सुविधा को और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने ‘किसान ई-मित्र’ नाम से एक AI आधारित चैटबॉट भी शुरू किया है, जो 24×7 उपलब्ध है। यह चैटबॉट 11 भाषाओं में किसानों के सवालों के जवाब देता है और अब तक 53 लाख से अधिक किसानों के 95 लाख से ज्यादा प्रश्नों का समाधान कर चुका है।
योजना के तहत पंजीकरण के लिए आधार नंबर अनिवार्य है और सभी भुगतान आधार-आधारित प्रणाली के जरिए सीधे बैंक खातों में किए जाते हैं। सरकार राज्यों, कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSC) और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के सहयोग से लगातार अभियान चलाकर अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ रही है।
यह जानकारी आज लोकसभा में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री Ram Nath Thakur द्वारा लिखित उत्तर में दी गई।
पीएम-किसान योजना देश के किसानों के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा बनकर उभरी है, जो न केवल उनकी आय बढ़ाने में मदद कर रही है, बल्कि कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और सशक्त भी बना रही है।

