पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रिंसिपल माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. गुरविंदर सिंह कोचर को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारत सरकार के भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने उन्हें वैज्ञानिक पैनल ऑन अल्कोहलिक बेवरेजेज (Scientific Panel on Alcoholic Beverages) का विशेषज्ञ सदस्य (Expert Member) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति लगातार दूसरी बार तीन वर्षों के कार्यकाल के लिए की गई है, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी।
डॉ. गुरविंदर सिंह कोचर की यह नियुक्ति खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (Food Safety and Standards Act, 2006) की धारा 13 के तहत की गई है। इससे पहले भी वे इसी वैज्ञानिक पैनल में 1 मार्च 2023 से 30 जून 2026 तक सफलतापूर्वक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। लगातार दूसरी बार इस प्रतिष्ठित पैनल में शामिल किया जाना उनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक योगदान, शोध कार्यों और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञता का प्रमाण माना जा रहा है।
FSSAI देश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षा और मानकों को सुनिश्चित करने वाली सर्वोच्च संस्था है। इसके विभिन्न वैज्ञानिक पैनल खाद्य उत्पादों से जुड़े मानकों का वैज्ञानिक मूल्यांकन करते हैं और समय-समय पर नई तकनीकों, शोध परिणामों तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप आवश्यक सुझाव देते हैं। अल्कोहलिक पेय पदार्थों से संबंधित वैज्ञानिक पैनल का दायित्व इस क्षेत्र में गुणवत्ता, सुरक्षा, उत्पादन प्रक्रिया, सूक्ष्मजीव विज्ञान, स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं और नियामक मानकों पर वैज्ञानिक सलाह देना होता है। ऐसे प्रतिष्ठित पैनल में डॉ. कोचर की पुनर्नियुक्ति पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की वैज्ञानिक क्षमता और विश्वसनीयता को भी दर्शाती है।
डॉ. गुरविंदर सिंह कोचर लंबे समय से सूक्ष्मजीव विज्ञान (Microbiology) और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान कर रहे हैं। उन्होंने खाद्य गुणवत्ता, किण्वन (Fermentation), खाद्य संरक्षण, सूक्ष्मजीवों की भूमिका तथा सुरक्षित खाद्य उत्पादन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य किया है। उनके शोध कार्यों और तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ न केवल शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों को मिला है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा नीतियों और मानकों के निर्माण में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
उनकी इस उपलब्धि पर पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह नियुक्ति विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. कोचर अपनी वैज्ञानिक विशेषज्ञता और अनुभव के माध्यम से देश में अल्कोहलिक पेय पदार्थों के गुणवत्ता मानकों को और अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा और मजबूत होगी।
विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. ए.एस. धट्ट ने भी डॉ. कोचर को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में उनका अनुभव और शोध कार्य FSSAI के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। वहीं, कॉलेज ऑफ बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज की डीन डॉ. किरण बैंस ने इसे विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक समुदाय के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
इसके अलावा अतिरिक्त अनुसंधान निदेशक डॉ. वी.एस. सोहू तथा माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. उर्मिला गुप्ता फूटेला ने भी डॉ. गुरविंदर सिंह कोचर को बधाई देते हुए कहा कि उनकी पुनर्नियुक्ति उनके उत्कृष्ट शोध, समर्पण और वैज्ञानिक नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि डॉ. कोचर भविष्य में भी देश के खाद्य सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता का महत्व लगातार बढ़ रहा है। बदलती उपभोक्ता आवश्यकताओं, आधुनिक उत्पादन तकनीकों और वैश्विक व्यापार के दौर में वैज्ञानिक मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक हो गया है। ऐसे में अनुभवी वैज्ञानिकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। डॉ. गुरविंदर सिंह कोचर जैसे विशेषज्ञों की भागीदारी से न केवल वैज्ञानिक निर्णयों की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक अनुरूप उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
डॉ. कोचर की यह उपलब्धि न केवल पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के लिए गौरव का विषय है, बल्कि देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए भी प्रेरणादायक है। उनकी लगातार दूसरी नियुक्ति इस बात का प्रमाण है कि भारतीय वैज्ञानिकों की विशेषज्ञता राष्ट्रीय स्तर की नीति निर्माण प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। आने वाले तीन वर्षों में उनके अनुभव और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से FSSAI के वैज्ञानिक पैनल को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है

