केंद्र सरकार ने PMMSY के अंतर्गत 147.23 करोड़ रुपये तथा Fisheries Infrastructure Development Fund (FIDF) के तहत 107 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी है।
इन परियोजनाओं में आधुनिक Fish Landing Centre, Fish Processing Infrastructure, Cold Storage, Ice Plant, Integrated Coastal Fishing Village, Aquaculture Units, Fish Meal Plant, Fish Oil Processing Plant और Post-Harvest Fisheries Infrastructure जैसी अनेक परियोजनाएं शामिल हैं।
वर्षवार बढ़ता निवेश
वर्ष 2020-21 से लेकर 2025-26 तक प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत गोवा में लगातार निवेश बढ़ा है।
- 2020-21 : ₹33 करोड़
- 2021-22 : ₹43.49 करोड़
- 2022-23 : ₹13.43 करोड़
- 2023-24 : ₹9.79 करोड़
- 2024-25 : ₹8.04 करोड़
- 2025-26 : ₹39.46 करोड़
यह निवेश Goa Fisheries क्षेत्र में आधुनिक अवसंरचना तैयार करने और Blue Economy को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
National Fisheries Digital Platform से होगा डिजिटल परिवर्तन
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) के साथ National Fisheries Digital Platform (NFDP) भी शुरू किया है।
यह प्लेटफॉर्म मछुआरों, Fish Farmers, Aquaculture Entrepreneurs, Fisheries Cooperatives और अन्य हितधारकों को डिजिटल पहचान उपलब्ध कराता है।
इसके माध्यम से—
- डिजिटल रजिस्ट्रेशन
- Fisheries Insurance
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
- Institutional Loan
- Fisheries Subsidy
- Capacity Building
- Skill Development
- Fisheries Traceability
जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
463 लाभार्थियों को मिला सीधा लाभ
गोवा सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत अब तक 463 लाभार्थियों को सहायता मिल चुकी है।
इनमें—
- मछुआरे
- Fish Farmers
- Fisheries Cooperatives
- Self Help Groups
शामिल हैं।
वहीं FIDF परियोजनाओं से 4,339 लाभार्थी जुड़े हुए हैं।
आधुनिक Fish Landing Centre से बढ़ेगी आय
गोवा मत्स्य पालन क्षेत्र में आधुनिक Fish Landing Centre विकसित किए जा रहे हैं।
इनमें प्रमुख हैं—
- तल्पोना Fish Landing Centre
- चपोरा Fish Landing Centre
- पालोलेम Fish Processing Facility
इन परियोजनाओं से Fish Processing, Cold Chain, Fish Marketing और Fish Export को नई गति मिलेगी।
आधुनिक Coastal Fishing Villages का विकास
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत गोवा में Integrated Coastal Fishing Villages विकसित किए जा रहे हैं।
काकरा, अरम्बोल, मांड्रेम, क्वेरीम और कोला सलेरी जैसे क्षेत्रों में आधुनिक मत्स्य गांव तैयार किए जा रहे हैं।
इन गांवों में—
- Cold Storage
- Fish Drying
- Fish Marketing
- Climate Resilient Fisheries
- Fishermen Welfare
जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
Fish Processing और Aquaculture को बढ़ावा
PMMSY के तहत गोवा में आधुनिक Aquaculture और Fish Processing परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
इनमें—
- Biofloc Units
- Cage Culture
- Ornamental Fish Farming
- Ice Plants
- Fish Kiosks
- Feed Mills
- Fish Meal Plant
- Fish Oil Processing Plant
जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
इनसे Fish Farming in Goa को नई तकनीक और बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।
मछुआरों को मिलेगा बड़ा लाभ
योजना के अंतर्गत पारंपरिक मछुआरों को—
- नाव
- जाल
- Insulated Vehicle
- Ice Box
- E-Rickshaw
- Motorcycle with Ice Box
- Fish Transport Vehicle
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इससे Goa Fisheries में Post-Harvest Loss कम होगा और Fish Marketing अधिक प्रभावी बनेगी।
Blue Economy को मिलेगा बढ़ावा
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और FIDF भारत की Blue Economy रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
इन योजनाओं के माध्यम से—
- Sustainable Fisheries
- Marine Fisheries
- Aquaculture
- Fish Export
- Fisheries Infrastructure
- Fishermen Welfare
को एक साथ मजबूत किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और Fisheries Infrastructure Development Fund (FIDF) के तहत गोवा मत्स्य पालन क्षेत्र में 254.23 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की स्वीकृति राज्य के Fisheries Development के लिए एक बड़ा कदम है। आधुनिक Fish Landing Centre, Fish Processing Infrastructure, National Fisheries Digital Platform, PM-MKSSY, Aquaculture, Blue Economy और Fisheries Infrastructure जैसी पहलों से गोवा के हजारों मछुआरों को लाभ मिलेगा। आने वाले वर्षों में ये परियोजनाएं Goa Fisheries को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निर्यातोन्मुख बनाते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था तथा मछुआरा समुदाय की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।