Rallis India Limited (टाटा एंटरप्राइज) ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजों की घोषणा करते हुए स्थिर और संतुलित प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO Dr. Gyanendra Shukla ने बताया कि FY26 में मुख्य व्यवसाय में मजबूत ग्रोथ और बेहतर मार्जिन के चलते कंपनी ने अब तक का सबसे अधिक EBITDA हासिल किया।
कंपनी का कुल राजस्व FY26 में बढ़कर ₹2,897 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष ₹2,663 करोड़ था। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा ₹125 करोड़ से बढ़कर ₹184 करोड़ पहुंच गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से क्रॉप केयर, सीड्स और B2B बिजनेस में बेहतर प्रदर्शन के कारण हुई।
तिमाही स्तर पर, Q4 FY26 में कंपनी ने ₹456 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹430 करोड़ से अधिक है। कंपनी के अनुसार, इस दौरान अलग-अलग फसलों और क्षेत्रों में डिमांड का मिला-जुला रुख देखने को मिला, जहां कुछ फसलों में कीट दबाव कम रहने से मांग प्रभावित हुई, वहीं अन्य सेगमेंट में मजबूती बनी रही।
बिजनेस सेगमेंट की बात करें तो FY26 में क्रॉप केयर बिजनेस में 8% की वृद्धि हुई, जिसमें घरेलू फॉर्मूलेशन बिजनेस ने 5% की ग्रोथ दी। B2B एक्सपोर्ट और कस्टम सिंथेसिस मैन्युफैक्चरिंग (CSM) बिजनेस में 17% की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। सॉइल एंड प्लांट हेल्थ सेगमेंट ने भी चुनौतियों के बावजूद 8% की वृद्धि हासिल की।
सीड्स बिजनेस ने विशेष रूप से अच्छा प्रदर्शन करते हुए 15% की वृद्धि दर्ज की, जबकि Q4 में यह ग्रोथ 23% तक पहुंच गई। कंपनी ने इस दौरान दो नए इंसेक्टिसाइड उत्पाद और प्रमुख फसलों में नए सीड प्रोडक्ट लॉन्च कर अपने पोर्टफोलियो को मजबूत किया।
डॉ. शुक्ला ने कहा कि कंपनी आगे भी प्रोडक्ट पोर्टफोलियो विस्तार, डिजिटल इनिशिएटिव और इनोवेशन के जरिए सस्टेनेबल ग्रोथ पर फोकस बनाए रखेगी।
