कोडरमा जिले में कृषि और पशुपालन क्षेत्र की योजनाओं की प्रभावशीलता और क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियों और वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जिले के अधिकारियों ने समीक्षा के दौरान यह पाया कि कई योजनाओं के लाभ अभी तक सभी योग्य लाभुकों तक सही समय पर नहीं पहुंच पाए हैं। इस पर मुख्य पदाधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योग्य लाभुकों को शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी किसान या पशुपालक अपने हक से वंचित न रह जाए।
बैठक में कृषि योजनाओं जैसे बीज और खाद वितरण, सिंचाई सुविधाओं, जैविक खेती प्रोत्साहन और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं जैसे गाय, बकरी पालन, पोषण और टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सभी स्तरों पर समन्वय और निगरानी को मजबूत किया जाएगा।
समीक्षा में यह भी निर्णय लिया गया कि लाभार्थियों की पहचान और रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से अपडेट किया जाएगा, ताकि लाभ वितरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। इसके साथ ही ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर किसानों और पशुपालकों को उनके हक और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे त्वरित कार्रवाई करें और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना और ग्रामीण विकास को प्रोत्साहित करना है।
इस पहल से जिले के सभी योग्य लाभुकों को समय पर योजनाओं का लाभ मिलेगा और कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में बेहतर विकास सुनिश्चित होगा।

