Punjab Agricultural University में एक गरिमामय और भावुक माहौल के बीच दो वरिष्ठ अधिकारियों—Manav Indra Singh Gill और Nirmal Jaura—को उनकी सेवानिवृत्ति पर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। यह आयोजन कुलपति समिति कक्ष में हुआ, जहां विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और सहकर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति Satbir Singh Gosal ने दोनों अधिकारियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में शिक्षा, अनुसंधान और प्रशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट उदाहरण स्थापित किए। उन्होंने विशेष रूप से डॉ. गिल के बागवानी अनुसंधान और संस्थान निर्माण में योगदान तथा डॉ. जौरा द्वारा परिसर में सांस्कृतिक माहौल को सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर रजिस्ट्रार Rishi Pal Singh ने भी दोनों अधिकारियों की कार्यशैली और समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. गिल ने अपने अनुभव से शिक्षण को व्यवहारिक दिशा दी, जबकि डॉ. जौरा ने छात्रों की जरूरतों को समझते हुए एक सहयोगी और समावेशी वातावरण तैयार किया।
समर्पण और उपलब्धियों से भरा सफर
डॉ. Manav Indra Singh Gill का करियर तीन दशकों से अधिक समय तक फैला रहा। 1992 में विश्वविद्यालय से जुड़ने के बाद उन्होंने डीन, रजिस्ट्रार, निदेशक और विभागाध्यक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उनके शोध कार्यों और मार्गदर्शन ने अनेक छात्रों और शोधार्थियों को दिशा दी।
वहीं, Nirmal Jaura ने शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति और रचनात्मकता को भी बढ़ावा दिया। उन्होंने रंगमंच, साहित्य और मीडिया के माध्यम से पंजाबी संस्कृति को नई पहचान दी और छात्रों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया।
भावुक पल और यादगार विदाई
अपने विचार साझा करते हुए डॉ. गिल ने विश्वविद्यालय को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए सहयोगियों और छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं डॉ. जौरा ने विश्वविद्यालय को अपनी पहचान और प्रेरणा का स्रोत बताते हुए इसे “जीवंत परिवार” की संज्ञा दी।
कार्यक्रम के अंत में दोनों अधिकारियों को सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इस मौके पर मौजूद सभी लोगों ने उनके योगदान को सराहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह विदाई समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि उन मूल्यों और योगदानों का सम्मान था, जो आने वाले समय में भी विश्वविद्यालय की पहचान बने रहेंगे।

