• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home सफ़लता की कहानी

1 मई 2026 तक ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई में बढ़ोतरी, 81.60 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा रकबा

Sowing of summer crops increased, area reached 81.60 lakh hectares by May 1, 2026

Emran Khan by Emran Khan
May 5, 2026
in सफ़लता की कहानी
0
1 मई 2026 तक ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई में बढ़ोतरी, 81.60 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा रकबा
0
SHARES
2
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

देश में ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई ने इस वर्ष रफ्तार पकड़ ली है। 1 मई 2026 तक कुल 81.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (79.00 लाख हेक्टेयर) की तुलना में 2.60 लाख हेक्टेयर अधिक है। यह वृद्धि किसानों के बढ़ते रुझान और अनुकूल परिस्थितियों का संकेत देती है।

कुल तस्वीर: खेती में सकारात्मक संकेत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार ग्रीष्मकालीन फसलों के तहत क्षेत्रफल में कुल मिलाकर बढ़ोतरी देखने को मिली है। खासकर मोटे अनाज (श्रीअन्न) और तिलहन फसलों ने इस वृद्धि में अहम योगदान दिया है। वहीं, कुछ फसलों में मामूली गिरावट भी दर्ज की गई है।

चावल में हल्की गिरावट

देश में ग्रीष्मकालीन चावल की बुवाई 31.05 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (32.42 लाख हेक्टेयर) से 1.36 लाख हेक्टेयर कम है। हालांकि, यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं मानी जा रही, लेकिन यह संकेत देती है कि किसान कुछ हद तक अन्य फसलों की ओर शिफ्ट कर रहे हैं।

दालों में बढ़ा रुझान

दालों की बुवाई में इस साल सकारात्मक बढ़त दर्ज हुई है।

  • कुल दालों का रकबा: 23.49 लाख हेक्टेयर
  • वृद्धि: 0.73 लाख हेक्टेयर

फसलवार स्थिति:

  • मूंग: 18.99 लाख हेक्टेयर (लगभग स्थिर)
  • उड़द: 4.20 लाख हेक्टेयर (0.62 लाख हेक्टेयर की वृद्धि)
  • अन्य दालें: मामूली बढ़ोतरी

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि किसानों का झुकाव दलहन उत्पादन की ओर बना हुआ है, जो पोषण सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

 

मोटे अनाज (श्रीअन्न) में शानदार उछाल

सरकार द्वारा श्रीअन्न को बढ़ावा देने के प्रयासों का असर साफ दिखाई दे रहा है।

  • कुल रकबा: 16.01 लाख हेक्टेयर
  • वृद्धि: 1.77 लाख हेक्टेयर

प्रमुख फसलें:

  • मक्का: 10.00 लाख हेक्टेयर (1.50 लाख हेक्टेयर की बढ़त)
  • बाजरा: 5.40 लाख हेक्टेयर
  • ज्वार और रागी: मामूली बढ़ोतरी

यह बढ़त इस बात का संकेत है कि किसान अब पोषण और बाजार मांग दोनों को ध्यान में रखकर फसल चयन कर रहे हैं।

तिलहन फसलों में भी मजबूती

तिलहन के क्षेत्र में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है:

  • कुल रकबा: 11.04 लाख हेक्टेयर
  • वृद्धि: 1.47 लाख हेक्टेयर

फसलवार प्रदर्शन:

  • मूंगफली: 5.51 लाख हेक्टेयर (सबसे ज्यादा 1.31 लाख हेक्टेयर की बढ़त)
  • तिल: 5.07 लाख हेक्टेयर
  • सूरजमुखी: मामूली वृद्धि

खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को देखते हुए यह बढ़ोतरी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

क्यों बढ़ा बुवाई क्षेत्र?

विशेषज्ञों के अनुसार इस वृद्धि के पीछे कई कारण हैं:

  • बेहतर मौसम और समय पर वर्षा
  • सरकार की प्रोत्साहन योजनाएं
  • श्रीअन्न और तिलहन पर बढ़ता फोकस
  • बाजार में बेहतर कीमतों की उम्मीद

आगे क्या संकेत मिलते हैं?

कुल मिलाकर, ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई के ताजा आंकड़े कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं। हालांकि, चावल जैसी पारंपरिक फसल में हल्की गिरावट चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन मोटे अनाज और तिलहन में बढ़ोतरी संतुलन बनाए हुए है।

अगर मौसम अनुकूल बना रहता है और किसानों को सही समर्थन मिलता है, तो इस वर्ष उत्पादन में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिल सकती है।

1 मई 2026 तक के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय कृषि धीरे-धीरे विविधता की ओर बढ़ रही है। किसान अब केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नई संभावनाओं और बाजार की मांग के अनुसार निर्णय ले रहे हैं। यही बदलाव आने वाले समय में कृषि क्षेत्र को और मजबूत बना सकता है।

 

Tags: #NanoFertilizer #KisanNews #AgricultureIndia #Farming #NanoUrea #FertilizerPolicy #FarmersRelief #AgriNews #IndiaFarmers #KrishiSamachar
Previous Post

भवानीपुर का किला क्यों ढहा? ममता बनर्जी की हार के पीछे 5 बड़े राजनीतिक कारणों का विश्लेषण

Next Post

हाईटेंशन लाइन पर किसानों को बड़ा तोहफा: अब जमीन के बदले मिलेगा 200% मुआवजा

Next Post
हाईटेंशन लाइन पर किसानों को बड़ा तोहफा: अब जमीन के बदले मिलेगा 200% मुआवजा

हाईटेंशन लाइन पर किसानों को बड़ा तोहफा: अब जमीन के बदले मिलेगा 200% मुआवजा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • मेघमणि ऑर्गेनिक्स नैनो डीएपी, नैनो एनपीके और नैनो जिंक बनाएगी
  • Papaya Farming पपीता मोज़ेक वायरस (Papaya Mosaic Virus – PMV) रोग, बचाव और उपचार
  • गर्मियों में सेहत का संबल: पीएयू ने ग्रामीण महिलाओं को सिखाए पौष्टिक समर ड्रिंक बनाने के गुर
  • 40°C गर्मी में भी चमकी किस्मत: नौकरी छोड़ किसान बने शिवेंदु, ऑयस्टर मशरूम से कमा रहे शानदार मुनाफा
  • खरीफ 2026 से पहले किसानों के लिए बड़ी राहत: देश में खाद का भरपूर भंडार, नहीं होगी कोई कमी

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.