देश में ईंधन आपूर्ति की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। Ministry of Petroleum and Natural Gas के सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक कर हालात का जायजा लिया। इस बैठक में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसी आवश्यक पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में सचिव ने राज्यों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार आवश्यक ईंधनों की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है। साथ ही उन्होंने बदलती परिस्थितियों में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। राज्यों द्वारा सहयोगात्मक रवैया अपनाने की भी सराहना की गई।
सचिव ने विशेष रूप से एलपीजी वितरण पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्यों को निर्देश दिए कि वे घरेलू उपभोक्ताओं और आवश्यक सेवाओं के लिए गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि वितरण प्रणाली का सक्रिय प्रबंधन बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी स्तर पर कमी या अव्यवस्था न हो। इसके साथ ही, जमाखोरी, अवैध डायवर्जन और अफवाहों पर सख्त नजर रखने को कहा गया, जिससे बाजार में अनावश्यक घबराहट न फैले।
बैठक में कुछ राज्यों के प्रयासों की विशेष सराहना भी की गई। उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों द्वारा अनियमितताओं पर नियंत्रण के लिए की गई छापेमारी और प्रवर्तन कार्रवाइयों को सराहा गया। अन्य राज्यों को भी इसी तरह सख्ती बरतने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की सलाह दी गई।
प्रवासी श्रमिकों के लिए एलपीजी आपूर्ति को लेकर उठे सवालों पर भी चर्चा हुई। राज्यों ने स्पष्ट किया कि आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। सचिव ने सुझाव दिया कि जरूरत के अनुसार 5 किलोग्राम के छोटे एलपीजी सिलेंडरों (एफटीएल) का लक्षित वितरण किया जा सकता है, जिससे विशेष वर्गों तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित हो सके।
ऑटो एलपीजी की मांग को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई। अधिकारियों ने बताया कि इसकी आपूर्ति बनाए रखने के प्रयास जारी हैं। साथ ही, जिन ऑटो में पेट्रोल और एलपीजी दोनों का विकल्प है, उन्हें फिलहाल पेट्रोल के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने की सलाह दी गई, ताकि एलपीजी पर दबाव कम किया जा सके।
बैठक के अंत में सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपील की कि वे ईंधन आपूर्ति पर लगातार निगरानी बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाहों को तुरंत खारिज करें। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य देशभर में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और जनता का भरोसा बनाए रखना है।
कुल मिलाकर, यह समीक्षा बैठक मौजूदा परिस्थितियों में ईंधन आपूर्ति को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाती है, जिसमें समन्वय, निगरानी और सख्त प्रवर्तन को प्राथमिकता दी जा रही है।

