ग्रामीण विकास को नई गति देने और गांवों में रोजगार तथा आजीविका के अवसरों का विस्तार करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने घोषणा की कि ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G)’ का राष्ट्रीय शुभारंभ 1 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश से किया जाएगा।
यह घोषणा केंद्रीय मंत्री द्वारा कृषि भवन, नई दिल्ली में आयोजित बैठक के दौरान की गई, जहां Pawan Kalyan ने उनसे मुलाकात कर राज्य में चल रहे ग्रामीण विकास कार्यक्रमों, रोजगार सृजन, पंचायत विकास, आजीविका संवर्धन और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की।
देशभर के ग्रामीण विकास मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 1 जुलाई को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री अपने-अपने राज्यों के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) की जानकारी दी जाएगी। साथ ही आंध्र प्रदेश द्वारा विकसित मॉडल पंचायतों और शून्य अपशिष्ट (जीरो वेस्ट) ग्राम पंचायतों के सफल मॉडलों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इन नवाचारों को अन्य राज्यों के साथ साझा किया जाएगा ताकि देशभर में ग्रामीण विकास की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाया जा सके।
आंध्र प्रदेश को बताया देश के सबसे प्रगतिशील राज्यों में से एक
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश की विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि यह देश के सबसे प्रगतिशील राज्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि राज्य विकास से जुड़े निर्णयों को तेजी से लागू करने के लिए जाना जाता है।
उन्होंने राज्य सरकार को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और अधिक नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित किया। चौहान ने कहा कि आंध्र प्रदेश द्वारा विकसित सफल मॉडल और नवाचारों को देश के अन्य राज्यों के साथ साझा किया जाएगा ताकि ग्रामीण विकास के क्षेत्र में व्यापक सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
पारदर्शिता के लिए सभी कार्यों की जियो-टैगिंग
बैठक में पवन कल्याण ने राज्य में ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण विकास से जुड़े लगभग सभी कार्यों को जियो-टैग किया गया है। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को काफी हद तक समाप्त किया जा सका है।
उन्होंने बताया कि लाभार्थियों के सत्यापन के लिए फेस रिकग्निशन आधारित प्रणाली का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। यह तकनीक योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने में मदद करेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगाएगी।
पीएम आवास योजना और ग्रामीण सड़कों के निर्माण में तेजी
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत मकानों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण सड़कों के निर्माण में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रत्येक पंचायत में पशुओं के लिए पेयजल व्यवस्था
पवन कल्याण ने जानकारी दी कि राज्य की प्रत्येक पंचायत में पशुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इससे ग्रामीण पशुपालकों को काफी लाभ मिल रहा है और पशुधन आधारित आजीविका को मजबूती मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस दिशा में उठाए गए कदम किसानों तथा पशुपालकों की आय बढ़ाने में सहायक साबित होंगे।
7,700 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता पर जताया आभार
बैठक के दौरान पवन कल्याण ने केंद्र सरकार और ग्रामीण विकास मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि VB-G RAM G पहल के तहत आंध्र प्रदेश को 7,700 करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड अंतरिम सहायता प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि इस वित्तीय सहायता से राज्य में ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कॉफी बागान और मॉडल पंचायतों को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि आंध्र प्रदेश में VB-G RAM G योजना के तहत कॉफी बागान गतिविधियों को शामिल किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा होंगे।
इसके साथ ही राज्य सरकार तटीय क्षेत्रों में मॉडल पंचायतों के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। इन पंचायतों को सतत विकास, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और सामुदायिक भागीदारी के आधार पर विकसित किया जाएगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण
शिवराज सिंह चौहान ने पवन कल्याण को 28 और 29 जून को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
इस सम्मेलन में VB-G RAM G योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, राज्यों के अनुभवों के आदान-प्रदान और ग्रामीण विकास क्षेत्र में नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। यह मंच राज्यों के बीच सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
‘लखपति दीदी’ को मिलेगा नया आर्थिक संबल
बैठक में ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने बताया कि मंत्रालय महिला स्वयं सहायता समूहों, जिन्हें लोकप्रिय रूप से ‘लखपति दीदी’ कहा जाता है, के लिए वाहन खरीद पहल को भी समर्थन देगा।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत आवश्यक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण विकास के नए मॉडल की ओर बढ़ता आंध्र प्रदेश
बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश सरकार को ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य द्वारा विकसित नवाचार आधारित मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन सकते हैं।
केंद्र सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक, पारदर्शी प्रशासन, मजबूत पंचायत व्यवस्था, महिला सशक्तिकरण और आजीविका आधारित विकास मॉडल के माध्यम से ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाया जा सकता है। आंध्र प्रदेश इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभर रहा है, जिसकी सफलताओं से पूरे देश को लाभ मिलेगा।

