उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार Western Disturbance (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने और Bay of Bengal (बंगाल की खाड़ी) में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर अब पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी दिखाई देने वाला है। India Meteorological Department के मुताबिक रविवार से लेकर बुधवार तक पूर्वी यूपी के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा और आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
मौसम विभाग के अनुसार यह पश्चिमी विक्षोभ फिलहाल Pakistan के आसपास सक्रिय हो रहा है, जिसका प्रभाव धीरे-धीरे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है। इसी के साथ बंगाल की खाड़ी से उठ रही नमी भी हवाओं के साथ उत्तर की ओर बढ़ रही है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से Uttar Pradesh के पूर्वी हिस्से में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि रविवार से बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी और कई जिलों में हल्की से मध्यम बादल छाए रहेंगे। हालांकि फिलहाल भारी बारिश की संभावना कम बताई जा रही है, लेकिन कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश हो सकती है। इससे तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को दिन के समय थोड़ी राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक यह बदलाव लगभग चार से पांच दिनों तक बना रह सकता है। रविवार से शुरू होकर सोमवार, मंगलवार और बुधवार तक आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है, जबकि रात के तापमान में बहुत अधिक बदलाव की संभावना नहीं है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया, देवरिया और आसपास के जिलों में बादलों का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं जब पश्चिमी विक्षोभ से मिलती हैं तो वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे बादल बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक यह मौसम परिवर्तन किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। जिन क्षेत्रों में गेहूं की फसल पकने की अवस्था में है, वहां हल्की बारिश या अधिक नमी से फसल पर असर पड़ सकता है। इसलिए किसानों को मौसम के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा मौसम के इस बदलाव का असर हवा की गति पर भी पड़ सकता है। कुछ इलाकों में हल्की तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। हालांकि फिलहाल किसी बड़े मौसमीय खतरे की चेतावनी नहीं दी गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि यदि बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र और मजबूत होता है, तो आने वाले दिनों में बादलों की सक्रियता और बढ़ सकती है। फिलहाल पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को अगले चार से पांच दिन तक बदले हुए मौसम के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
कुल मिलाकर रविवार से पूर्वी यूपी में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा और आसमान में बादलों की मौजूदगी लोगों को गर्मी से कुछ राहत दिला सकती है।

