֍:डीएसपी ने दी जानकारी§ֆ:किशन गढ़ के डीएसपी राजेंद्र सिंह ने कहा कि परिवादी महेंद्र रावत, राज्य प्रमुख नैफेड राजस्थान ने मामला दर्ज कराया है. इसमें कहा गया कि राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मार्फत राजफैजड ने अलग-अलग ग्राम सेवा समितियों के माध्यम से किसानों से सरसों खरीद कर राज्य भंडारण निगम कस्बा खैरथल पर सरसों की कुल 1,51,573 बोरी जिसका वजन 7576.40 मीट्रिक जमा की गई.§֍:माल किया जब्त§ֆ:4 मार्च से 26 मार्च तक कुल 1,49,383 बोरी वजन जिसका वजन 7470 जमा की गई. जिसमें से भंडार ग्रह में 2190 बोरी बची. फिर बिक्री के दौरान खरीद पार्टियों के द्वारा स्टॉक में नकली और मिलावटी सरसों पाने की शिकायत पाई गई. इस पर राजफैड और नैफेड अधिकारियों ने मामले की जांच की तो मामला सही पाया गया, पुलिस आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. मामले की जांच में आमने आया कि तो माधो चौधरी जो संविदा कर्मी सहकारी है. वो क्रय-विक्रय समिति रामगढ़ में नकली सरसों के मिलावट का काम करता था.§ֆ:साथ ही दूसरा आरोपी उन्नस खान डहरा का रहने वाला था वो अपने घर पर असली सरसों की बोरी उतार कर नकली सरसों के मिलावट का काम करता था. इस तरह से पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने सभी को अलग-अलग काम बांट रखा था. पुलिस ने इस मामले में माधो चौधरी, उन्नस खान, साहिल खान, सुरेश, ओम प्रकाश को गिरफ्तार किया है.§ֆ:पुलिस ने इनके पास से नकली सरसों बनाने की मशीन, विधुत मोटर, छलनी सहित अन्य उपकरण जब्त किए हैं. पुलिस ने कहा कि सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा. सरकारी जांच में यह खुलासा होने के बाद पूरे राजस्थान में खाद्य विभाग अलर्ट मोड पर है. पुलिस की तरफ से भी लगातार जांच पड़ताल की जा रही है.§देश में लगभग गहर दूसरे घर में सरसों के तेल में खाना बनाया जाता है. लेकिन इस दौरान हर किसी के मन में यह शंका रहकी है कि क्या मेरा सरसों तेल असली है या नहीं? इस कड़ी में राजस्थान से एक चौका देने वाला मामला सामने आया है. बता दें कि अलवर जिले के किशनगढ़ क्षएत्र में पुलिस ने नकली सरसों बनाने वाली गैंग के 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में सामने आया कि अभी तक सैकड़ों क्विंटल नकली सरसों बाजार में बेच दी गई है. पुलिस ने नकली सरसों बनाने का सामान भी बरामद किया है. पुलिस का कहना है कि असली सरसों में नकली की मिलावट कर बेचते थे.

