गर्मी का मौसम शुरू होते ही पौधों की देखभाल एक बड़ी चुनौती बन जाती है। तेज धूप और बढ़ते तापमान का सबसे ज्यादा असर टमाटर के पौधों पर देखने को मिलता है। खेत हो या घर की छत पर रखा गमला, मिट्टी की नमी तेजी से खत्म होने लगती है, जिससे पौधे मुरझाने और सूखने लगते हैं। कई बार पत्तियां पीली पड़कर झड़ने लगती हैं, पौधे की बढ़वार रुक जाती है और फल छोटे रह जाते हैं या समय से पहले गिर जाते हैं। ऐसे में किसानों और बागवानी के शौकीनों के लिए यह चिंता का विषय बन जाता है कि पौधों को इस भीषण गर्मी से कैसे बचाया जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के दिनों में टमाटर के पौधों के सूखने की सबसे बड़ी वजह मिट्टी में नमी की कमी होती है। तेज धूप के कारण मिट्टी का पानी तेजी से उड़ जाता है, जिससे जड़ों तक पर्याप्त नमी नहीं पहुंच पाती। जब पौधे को जड़ों से सही मात्रा में पानी और पोषण नहीं मिलता, तो उसकी पत्तियां मुरझाने लगती हैं और उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। खासतौर पर गर्म हवा या लू चलने की स्थिति में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
हालांकि, इस परेशानी का समाधान घर में मौजूद कुछ आसान चीजों से किया जा सकता है। गर्मियों में टमाटर के पौधों को स्वस्थ रखने के लिए एक खास देसी खाद तैयार की जा सकती है, जो पौधों को ठंडक देने के साथ-साथ जरूरी पोषण भी पहुंचाती है। इस खाद को बनाने के लिए चाय पत्ती, चावल का बचा हुआ पानी और छाछ का इस्तेमाल किया जाता है।
इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले 2 से 3 चम्मच चाय पत्ती को पानी में अच्छी तरह उबाल लें। इसके बाद इस पानी को पूरी तरह ठंडा होने दें। अब इसमें आधा कप छाछ और आधा कप चावल का पानी मिलाएं। तीनों चीजों को अच्छी तरह मिक्स करके किसी बोतल या बर्तन में छान लें। इस तरह पौधों के लिए पोषक घोल तैयार हो जाएगा।
ध्यान देने वाली बात यह है कि इस घोल का इस्तेमाल कभी भी सीधे पौधों में नहीं करना चाहिए। पहले इसे सामान्य पानी में मिलाकर पतला करें, फिर पौधे की जड़ों में डालें। इस घोल का उपयोग 15 से 20 दिन में एक बार करना पर्याप्त माना जाता है। ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करने से पौधों को नुकसान भी हो सकता है, इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
इसके अलावा पौधों को सुबह जल्दी या शाम के समय पानी देना ज्यादा फायदेमंद होता है, ताकि मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहे। अगर संभव हो तो पौधों को दोपहर की तेज धूप से बचाने के लिए हल्की छाया का भी इंतजाम करें। इन आसान उपायों को अपनाकर गर्मी के मौसम में भी टमाटर के पौधों को हरा-भरा और फलदार बनाए रखा जा सकता है।

