PAU में दो दिवसीय Fine Arts और Heritage Workshop, 200 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया प्रशिक्षण

Two-day Fine Arts and Heritage Workshop at PAU, over 200 students received training

Two-day Fine Arts and Heritage Workshop at PAU, over 200 students received training

Two-day Fine Arts and Heritage Workshop at PAU, over 200 students received training

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने और पंजाब की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत को युवा पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से दो दिवसीय Fine Arts और Heritage Events Workshop का आयोजन किया गया। 29 और 30 सितंबर 2026 को Students’ Home में आयोजित इस विशेष Workshop में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के विभिन्न Constituent Colleges के साथ-साथ PAU College of Agriculture, Ballowal Saunkhri के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

Directorate of Students’ Welfare, Punjab Agricultural University द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को Fine Arts और पारंपरिक Punjabi Heritage Crafts से संबंधित विभिन्न कलाओं का Practical Training दिया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को इन कला विधाओं की तकनीकी बारीकियों से परिचित कराया और उन्हें प्रतियोगिताओं के लिए अपनी रचनात्मक क्षमता को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

दो दिवसीय कार्यक्रम में आधुनिक एवं पारंपरिक कला का सुंदर समन्वय देखने को मिला। एक ओर विद्यार्थियों ने Spot Painting, Poster Making, Collage Making, Cartooning, Clay Modeling, Rangoli, Mehndi, Photography, Calligraphy, Doodling और Graffiti जैसी Fine Arts disciplines में प्रशिक्षण प्राप्त किया, वहीं दूसरी ओर उन्हें पंजाब की पारंपरिक हस्तकलाओं जैसे Phulkari, Peehri Bunna, Naala Bunna, Pakhi Bnauna और Mitti de Khidaune आदि की बारीकियों से भी अवगत कराया गया।

विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने की पहल

Workshop का औपचारिक उद्घाटन Dr Kamaljeet Singh Suri, Director Students’ Welfare, PAU ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को Workshop के दौरान विशेषज्ञों से अधिक से अधिक सीखने और विभिन्न कला विधाओं की Technical Details को समझने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. सूरी ने कहा कि पारंपरिक और समकालीन कला रूपों में दक्षता हासिल करना केवल रचनात्मक कौशल विकसित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को कला के प्रति गंभीरता से सीखने और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के Holistic Development में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। कला, संस्कृति, संगीत, साहित्य और थिएटर जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी रचनात्मक क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने का अवसर प्रदान करती हैं।

30 अक्टूबर से शुरू होगा PAU Inter-College Youth Festival

कार्यक्रम के दौरान Dr Kamaljeet Singh Suri ने आगामी PAU Inter-College Youth Festival की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में यह Youth Festival 30 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

इस Festival में PAU के Constituent Colleges से 400 से अधिक विद्यार्थियों के भाग लेने की उम्मीद है। प्रतियोगिताओं को विभिन्न Creative Categories में आयोजित किया जाएगा, जिनमें Literary, Fine Arts, Music, Dance, Theatre और Heritage प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इस आयोजन को लेकर आयोजित Fine Arts और Heritage Workshop विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण तैयारी कार्यक्रम रहा। Workshop में प्राप्त Practical Training विद्यार्थियों को आगामी Inter-College competitions में अपनी प्रतिभा को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करेगी।

Youth Festival विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अपनी कला और रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ विभिन्न Colleges के विद्यार्थियों के साथ संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अवसर भी प्रदान करता है।

Fine Arts में विद्यार्थियों को सिखाई गईं आधुनिक कला तकनीकें

Workshop के Fine Arts segment का संचालन Dr Pooja Sharma, HOD, Fine Arts Department, MCM DAV College, Chandigarh ने विशेषज्ञ के रूप में किया। उन्होंने विद्यार्थियों को Fine Arts की विभिन्न विधाओं में Advanced Techniques और Practical Skills की जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने Spot Painting, Poster Making, Collage Making, Cartooning, Clay Modeling, Rangoli, Mehndi, Photography, Calligraphy, Doodling और Graffiti जैसी विभिन्न कला विधाओं में प्रशिक्षण प्राप्त किया।

इन सभी विधाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल कला की theoretical understanding देना नहीं था, बल्कि उन्हें Practical तरीके से कला तैयार करने और अपनी कल्पनाशीलता को रचनात्मक रूप देने का अवसर देना था।

Spot Painting के माध्यम से विद्यार्थियों ने सीमित समय में अपनी Creative Thinking को कला के रूप में प्रस्तुत करने का अभ्यास किया। Poster Making और Collage Making में उन्हें विषय के अनुसार विचारों को प्रभावी Visual Format में प्रस्तुत करने की तकनीक समझाई गई।

Cartooning और Doodling जैसी विधाओं में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पना और Observation Skills को रचनात्मक रूप देने का अभ्यास किया। इसी तरह Clay Modeling के माध्यम से विद्यार्थियों को मिट्टी के साथ काम करने और Three-Dimensional Art तैयार करने की तकनीकों से परिचित कराया गया।

Rangoli और Mehndi जैसी पारंपरिक एवं लोकप्रिय कला विधाओं को भी Fine Arts Training का हिस्सा बनाया गया। Photography, Calligraphy और Graffiti के माध्यम से विद्यार्थियों को Visual Communication और Creative Expression के अलग-अलग रूपों से परिचित कराया गया।

Heritage Workshop में पंजाब की पारंपरिक कला का प्रशिक्षण

कार्यक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा Heritage Segment रहा। इस Segment का नेतृत्व चंडीगढ़ की विशेषज्ञ Dr Prabhleen Kaur ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पंजाब की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प से जुड़ी विभिन्न विधाओं का Practical Training दिया।

प्रशिक्षण में Ennu Bnauna, Peehri Bunna, Naala Bunna, Chhikku Bnauna, Pakhi Bnauna, Phulkari Kadna, Bunai, Dasooti di Kadai, Crochet (Croshia), Mitti de Khidaune Bnauna और Gudian Patole Bnauna जैसी पारंपरिक विधाओं को शामिल किया गया।

पंजाबी Heritage Crafts केवल सजावटी कला तक सीमित नहीं हैं। इनके साथ पंजाब के ग्रामीण जीवन, पारंपरिक सामाजिक संरचना और स्थानीय कारीगरी की लंबी परंपरा जुड़ी हुई है। ऐसे समय में जब आधुनिक जीवनशैली और Digital Culture तेजी से बढ़ रही है, युवाओं को इन पारंपरिक कलाओं से जोड़ना सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

Phulkari और पारंपरिक हस्तकला को मिला नया मंच

Workshop में Phulkari को विशेष रूप से विद्यार्थियों के बीच समझाया गया। पंजाब की पारंपरिक कढ़ाई के रूप में Phulkari की अपनी विशिष्ट पहचान है। इसके अलावा Dasooti di Kadai और विभिन्न प्रकार की Bunai के माध्यम से विद्यार्थियों को Traditional Textile Crafts से परिचित कराया गया।

Peehri Bunna, Naala Bunna और Pakhi Bnauna जैसी विधाएं पंजाब के पारंपरिक ग्रामीण जीवन से जुड़ी कारीगरी को दर्शाती हैं। इन विधाओं का Practical Demonstration विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

मिट्टी से खिलौने बनाने की कला यानी Mitti de Khidaune Bnauna ने भी विद्यार्थियों को अपनी ओर आकर्षित किया। इस प्रकार Heritage Workshop में विद्यार्थियों को ऐसी कला विधाओं को सीखने का अवसर मिला, जो पंजाब की पारंपरिक जीवनशैली और स्थानीय Craft Heritage का हिस्सा रही हैं।

200 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया Practical Training

Sh Satvir Singh, Registering Officer, ने बताया कि Workshop को विद्यार्थियों की ओर से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में 200 से अधिक विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

इसमें मुख्य PAU Ludhiana Campus के विभिन्न Constituent Colleges के विद्यार्थियों के साथ-साथ PAU College of Agriculture, Ballowal Saunkhri के विद्यार्थी भी शामिल रहे।

विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न कला विधाओं में Hands-on Training प्राप्त की। Practical Learning के कारण Workshop केवल एक सामान्य Orientation Programme न रहकर विद्यार्थियों के लिए Skill Development का अवसर बना।

प्रतिभागियों ने अपनी रुचि के अनुसार अलग-अलग Fine Arts और Heritage Activities में हिस्सा लिया तथा विशेषज्ञों से अपनी कला में सुधार के लिए सुझाव प्राप्त किए।

University Fine Arts Club ने भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

Workshop के दौरान Dr Abhishek Sharma, President, University Fine Arts Club ने भी विद्यार्थियों को निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने विभिन्न Creative Sessions में विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उनकी कला गतिविधियों को प्रोत्साहित किया।

University Fine Arts Club विद्यार्थियों को कला और रचनात्मक गतिविधियों के लिए मंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे Workshops Club की गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करते हैं और विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को लगातार विकसित करने का अवसर देते हैं।

विभिन्न Colleges के शिक्षकों ने किया विद्यार्थियों का मार्गदर्शन

कार्यक्रम में विभिन्न Colleges के DDMC Presidents और Teacher In-charges ने भी भाग लिया। इस दौरान Dr Kamaldeep Singh Sangha, Dr Sharanbir Kaur Bal, Dr Karanbir Singh Gill, Dr Gurnaz Gill और Dr Suman Kumari, जो विभिन्न Colleges के DDMC Presidents हैं, उपस्थित रहे।

इनके अलावा विभिन्न Colleges के Teacher In-charges ने भी Workshop के दौरान विद्यार्थियों की गतिविधियों की निगरानी की और उन्हें प्रोत्साहित किया।

शिक्षकों की मौजूदगी ने विद्यार्थियों को पूरे कार्यक्रम के दौरान बेहतर तरीके से भाग लेने और विशेषज्ञों से अधिक से अधिक जानकारी हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

कला के माध्यम से विद्यार्थियों का Holistic Development

शैक्षणिक संस्थानों में Fine Arts और Cultural Activities का महत्व केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है। कला विद्यार्थियों की Creativity, Imagination, Observation, Communication और Confidence को विकसित करने में भी योगदान देती है।

Agricultural University में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए भी ऐसी गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इससे उन्हें Academic Curriculum के अलावा अपनी व्यक्तिगत रुचियों और रचनात्मक क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलता है।

PAU द्वारा आयोजित यह Workshop इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा रहा। Fine Arts और Heritage दोनों को एक ही मंच पर लाकर विद्यार्थियों को Contemporary Art और Traditional Culture के बीच संबंध समझने का अवसर मिला।

नई पीढ़ी को Heritage से जोड़ने का प्रयास

आज की युवा पीढ़ी का Digital Platforms और Modern Lifestyle के साथ जुड़ाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में Traditional Crafts और Cultural Heritage को युवाओं तक पहुंचाने के लिए Educational Institutions की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

PAU के इस Workshop ने विद्यार्थियों को पंजाब की पारंपरिक कला से सीधे जोड़ने का अवसर दिया। विद्यार्थियों ने केवल इन विधाओं के बारे में जानकारी नहीं प्राप्त की, बल्कि कई Crafts को अपने हाथों से तैयार करने का अभ्यास भी किया।

इस प्रकार Workshop ने Learning by Doing के माध्यम से विद्यार्थियों को Heritage Conservation की प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास किया।

विद्यार्थियों द्वारा तैयार कलाकृतियों की प्रदर्शनी

दो दिवसीय Workshop का समापन विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई विभिन्न Artworks और Heritage Pieces के सुंदर प्रदर्शन के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने Workshop के दौरान सीखी गई तकनीकों का उपयोग करते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा को कलाकृतियों के रूप में प्रस्तुत किया।

इन कलाकृतियों ने विद्यार्थियों की Creativity और उनकी सीखने की क्षमता को प्रदर्शित किया। Fine Arts और Heritage दोनों segments में तैयार किए गए कार्यों ने यह दिखाया कि उचित मार्गदर्शन और Practical Training मिलने पर विद्यार्थी विभिन्न कला विधाओं में अपनी प्रतिभा को विकसित कर सकते हैं।

इस प्रदर्शनी ने आगामी Youth Festival के लिए विद्यार्थियों में उत्साह भी बढ़ाया और PAU के Cultural Contingent को प्रतियोगी गतिविधियों के लिए तैयार करने में मदद की।

आगामी Youth Festival के लिए बढ़ा उत्साह

Workshop के सफल आयोजन के बाद PAU के विद्यार्थियों में आगामी Inter-College Youth Festival 2026 को लेकर उत्साह देखने को मिला। 30 अक्टूबर से 6 नवंबर तक प्रस्तावित इस Festival में 400 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी विश्वविद्यालय के विभिन्न Constituent Colleges से होगी।

Literary, Fine Arts, Music, Dance, Theatre और Heritage जैसे विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए विद्यार्थियों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

Fine Arts और Heritage Workshop को इसी तैयारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। विशेषज्ञों से प्राप्त प्रशिक्षण और Practical Exposure विद्यार्थियों को अपनी कला को अधिक प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करेगा।

Dr Ashoo Toor ने किया मंच संचालन

कार्यक्रम के दौरान Dr Ashoo Toor, President, University Speakers’ Forum और Former DDMC President, ने मंच का संचालन किया। उनके कुशल संचालन के साथ दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन हुआ।

पूरे Workshop के दौरान विद्यार्थियों, विशेषज्ञों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने इसे रचनात्मकता और सांस्कृतिक जागरूकता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आयोजन बना दिया।

PAU में कला और संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में पहल

Punjab Agricultural University में शिक्षा और शोध के साथ-साथ विद्यार्थियों के Overall Development पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। Fine Arts और Heritage जैसे क्षेत्रों में आयोजित इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

दो दिवसीय Workshop ने जहां विद्यार्थियों को विभिन्न Modern Fine Arts Techniques सिखाईं, वहीं उन्हें पंजाब की पारंपरिक कला और Craft Heritage से भी जोड़ा। यह संयोजन कार्यक्रम की विशेषता रहा।

कुल मिलाकर, 29 और 30 सितंबर 2026 को आयोजित PAU Fine Arts & Heritage Events Workshop में 200 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी ने इसकी व्यापक पहुंच को दर्शाया। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन, शिक्षकों के सहयोग और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से आयोजित यह कार्यक्रम आगामी Youth Festival के लिए एक उपयोगी Training Platform साबित हुआ।

कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को अपनी कला, संस्कृति और पारंपरिक विरासत से जोड़ना उनके समग्र विकास के लिए आवश्यक है। PAU के विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों और Heritage Pieces ने इस बात को रेखांकित किया कि युवा पीढ़ी को सही मंच और मार्गदर्शन मिलने पर पारंपरिक कला को नई ऊर्जा और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।

 

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