֍:मिली मंजूरी§ֆ:हाल ही में एक राज्य स्तरीय कृषि समिति बैठक में इस कार्ययोजना को मंजूरी मिल गई है. पूर्व कैबिनेट में भी प्राकृतिक खेती और खेत तालाब योजना के लिए 1191.51 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली थी. अब योगी सरकारर ने प्रस्तुत बजट में भी नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए 124 करोड़ रुपये अवंटित किए हैं.§֍:घटेगा प्रदूषण§ֆ:सरकार के प्लान में गंगा के साथ अन्य स्थानीय नदियों के आसपास प्राकृतिक खेती करने को लेकर योजना बनाई है. ऐसे में रसायनिक खादों का कम इस्तेमाल होगा और नदियों में जहलीरे पदार्थ जाने की संभावना कम हो जाएगी. आंकड़ों के अनुसार गंगा के किनारे के 1000 से अधिक गांवों में प्राकृतिक खेती हो रही है. प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 54 जनपदों में परंपरागत कृषि विकास योजना संचालित की जा रही है. सरकार की मंशा निराश्रित गोवंश के नाते सबसे प्रभावित बुंदेलखंड को प्राकृतिक खेती के लिहाज से उत्तर प्रदेश का हब बनाना है.§֍:
10 हजार हेक्टेयर में होगी प्राकृतिक खेती
§ֆ:करीब 5000 क्लस्टर्स में 18000 से अधिक किसान लगभग 10 हजार हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं उनमें नमामि गंगा योजना के तहत करीब 3300 क्लस्टर्स में 6 लगभग 6500 हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती हो रही है. इस खेती से जुड़े किसानों की संख्या एक लाख से अधिक है. इस तरह देखा जाय तो जैविक खेती का सर्वाधिक रकबा गंगा के मैदानी इलाके का ही है. इंडो-गंगेटिक मैदान का यह इलाका दुनिया की सबसे उर्वर भूमि में शुमार होता है.§उत्तर प्रदेश में रसायन मुक्त खेत करने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है. इसके लिए राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएं भी चलाई जा रही हैं.

