कृषि विज्ञान केंद्र, उजवा, दिल्ली की 25वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक भा.कृ.अनु.प. के दिशानिर्देशानुसार विभिन्न हितधारकों के साथ दिनांक 11 जुलाई, 2025 को बागवानी भवन, जनकपुरी, दिल्ली में डॉ. बिजेंद्र सिंह, अध्यक्ष, राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, जनकपुरी की गरिमामयी अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। यह बैठक कृषि विज्ञान केन्द्र की वार्षिक गतिविधियों का मूल्यांकन एवं आगामी वार्षिक योजना बनाने के लिए आयोजित की जाती है। इस बैठक में विशिष्ट अतिथि के रुप में श्री राजबीर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, जनकपुरी, दिल्ली, डॉ. रवीन्द्र नाथ पडारिया, संयुक्त निदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली, डॉ. बी.एस. तोमर, अध्यक्ष, सब्जी विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली एवं वर्चूअल रुप से डॉ.. बी.एल. जांगिड, प्रधान वैज्ञानिक, भा.कृ.अनु.प -कृषि तकनीकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-2, जोधपुर, (राज.), नाबार्ड, दिल्ली एवं कृषि, पशुपालन एवं बागवानी विभाग, दिल्ली सरकार आदि उपस्थित हुए। डॉ. बिजेंद्र सिंह ने पिछले वर्षों में केवीके द्वारा की गई पहल की सराहना की एवं केवीके की गतिविधियों को दिल्ली के किसानों के पास नवीनतम आयामों के साथ पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रुप में भागीदारी कर रहे श्री राजबीर सिंह ने कहा कि केन्द्र की कार्यो को नवाचार एवं आधुनिक तकनीकों के साथ अधिक से अधिक गांवो के किसानों के पास पहुंचाते हुए किसानों पर होने वाले सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव आंकलन करना चाहिए एवं सफल किसानों की गाथाएं सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करनी चाहिए, जिससे दिल्ली देहात एवं अन्य राज्यों के किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत एवं मार्गदर्शक बन सके । डॉ. बी.एस. तोमर दिल्ली के क्षेत्र के परि-नगरीय स्थिती को ध्यान में रखते हूए किसानों की आय बढानें के लिए फलों एवं सब्जियों की गुणवत्ता युक्त पौधे एवं बीज उपलब्ध करवाने के लिए, समय पर किसानों की कृषि सबंधित समस्यों का समाधान हेतु प्रशिक्षण एवं जागरुक कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए। डॉ. रवीन्द्र नाथ पडारिया ने सुझाव दिया कि आगामी वैज्ञानिक सलाहकार समिति में कार्यो एवं प्रगति रिपार्ट को परिणामक रुप से प्रस्तुत करे एवं सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक युवा किसानों के पास पहुंच बनाकर खेती व्यवसाय की तरफ आकर्षित करें।
डॉ.. बी.एल. जांगिड ने केन्द्र के कार्यो की समीक्षा करते हुए ड्रोन तकनीक, प्रशिक्षण एवं पोषण वाटिका प्रदर्शन का विश्लेषण एवं प्रभाव का अध्ययन करना चाहिए एवं किसान सारथी डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर अधिक से अधिक किसानों का जोड़कर लाभ पहुंचाना चाहिए। पशु अधिकारी, पशुपालन विभाग दिल्ली सरकार ने ऑक्सीटोसिन एवं अत्यधिक एंटी बायोटिक के उपयोग ना करने के लिए एवं बच्चा हुआ खाना पशुओं को नही खिलाने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से किसानों के बीच जागरुकता कार्यक्रम करना चाहिए। कार्यक्रम के शुरुआत में डॉ. डी. के. राणा वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केन्द्र, उजवा, दिल्ली ने उपस्थित गणमान्य सदस्यों का स्वागत करते हुए केन्द्र की वार्षिक गतिविधियाँ व आगामी योजना प्रस्तुत की। इस क्रार्यक्रम में समिति सदस्य के रुप में नाबार्ड, दिल्ली, कृषि एवं बागवानी इकाई, दिल्ली सरकार, आकाशवाणी, किसान एवं प्रगतिशील किसान एवं महिला किसानों ने भाग लिया एवं अमूल्य सुझाव दियें। कार्यक्रम के दौरान केन्द्र के विशेषज्ञों डाॅ. राकेश कुमार विशेषज्ञ (बागवानी), डाॅ. रितु सिंह विशेषज्ञ (गृह विज्ञान), डाॅ. समर पाल सिंह, विशेषज्ञ (सस्य विज्ञान), श्री कैलाश, विशेषज्ञ (कृषि प्रसार), डाॅ जय प्रकाश, विशेषज्ञ (पशुपालन) एवं श्री बृजेश कुमार, विशेषज्ञ (मृदा विज्ञान) ने विषयवार आगामी एवं विगत गतिविधियों को प्रगति प्रस्तुत की। क्रार्यक्रम के अन्तिम मे डाॅ.राणा ने सभी गणमान्य सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

