केंद्र सरकार की PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत देशभर में लाखों स्ट्रीट वेंडरों को आर्थिक सहायता मिल रही है। योजना की शुरुआत से लेकर 31 जनवरी 2026 तक लगभग 72.71 लाख स्ट्रीट वेंडरों ने इस योजना के तहत ऋण प्राप्त किया है।
यह जानकारी आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने दी। मंत्रालय के अनुसार स्ट्रीट वेंडरों की पहचान राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा Street Vendors (Protection of Livelihood and Regulation of Street Vending) Act, 2014 के तहत किए जाने वाले सर्वेक्षणों के माध्यम से की जाती है। सर्वेक्षण कराना, वेंडिंग प्रमाणपत्र जारी करना और संबंधित प्रक्रियाएं स्थानीय शहरी निकायों तथा राज्य सरकारों की जिम्मेदारी होती है।
मांग आधारित योजना
पीएम स्वनिधि योजना एक डिमांड-ड्रिवन योजना है। इसके तहत पात्र स्ट्रीट वेंडर, जिनमें प्रवासी और मौसमी विक्रेता भी शामिल हैं, कार्यशील पूंजी के लिए ऋण प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए वे PM SVANidhi Mobile App या आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करते हैं।
जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए Ministry of Housing and Urban Affairs द्वारा देशभर में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत रेडियो जिंगल, टेलीविजन, सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचार किया जा रहा है। इसके अलावा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्थानीय भाषाओं में सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, ताकि स्ट्रीट वेंडरों तक योजना की जानकारी आसानी से पहुंच सके।
योजना के पुनर्गठन के बाद करीब 69 लाख लाभार्थियों को एसएमएस भेजकर नई सुविधाओं और लाभों की जानकारी भी दी गई।
लोक कल्याण मेलों का आयोजन
सरकार द्वारा 27 अगस्त 2025 को योजना के पुनर्गठन को मंजूरी मिलने के बाद 17 सितंबर 2025 से 15 अक्टूबर 2025 के बीच शहरी स्थानीय निकायों में लोक कल्याण मेलों का आयोजन किया गया। इन मेलों के माध्यम से योजना के नए प्रावधानों की जानकारी दी गई और स्ट्रीट वेंडरों को ऋण आवेदन, तेज स्वीकृति और डिजिटल भुगतान प्रणाली से जोड़ने में मदद की गई।
इसके अलावा 3 नवंबर से 2 दिसंबर 2025 के बीच सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष अभियान चलाकर बैंकों और शहरी स्थानीय निकायों के स्तर पर लंबित मामलों का निपटारा करने का प्रयास किया गया।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा
शहरी स्थानीय निकाय डिजिटल पेमेंट एग्रीगेटर्स के साथ मिलकर स्ट्रीट वेंडरों के लिए डिजिटल साक्षरता शिविर भी आयोजित करते हैं। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए लाभार्थियों को कैशबैक प्रोत्साहन भी दिया जाता है, जिससे वे नकद रहित लेनदेन अपनाने के लिए प्रेरित हों।
शिकायत निवारण की व्यवस्था
स्ट्रीट वेंडरों की समस्याओं के समाधान के लिए PM SVANidhi मोबाइल एप में वॉयस-आधारित शिकायत निवारण प्रणाली उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से वेंडर आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा वे सीधे शहरी स्थानीय निकायों और बैंकों से भी संपर्क कर सकते हैं।
सरकार का कहना है कि इस योजना के जरिए स्ट्रीट वेंडरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उन्हें औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने और शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

