֍:पूसा कृषि विज्ञान मेला के मुख्य आकर्षण§ֆ:भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित नई किस्मों और तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन होगा. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केन्द्रों, एफ़ पी ओ, उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स, सार्वजनिक और निजी कंपनियों द्वारा नवीन तकनीकों, उत्पादों और सेवाओं की प्रदर्शनी भी होगी.
तकनीकी सत्र और किसानों-वैज्ञानिकों के साथ संवाद, जो जलवायु अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण, डिजिटल कृषि, युवाओं और महिलाओं का उद्यमिता विकास, कृषि विपणन, किसान संगठन और स्टार्टअप्स, तथा किसानों के नवाचार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर आधारित होंगे. पूसा के द्वारा विकसित फसलों की किस्मों की बिक्री.
§֍:कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कृषि सलाह§ֆ:जलवायु जोखिम और पोषण के बढ़ते महत्व को समझते हुए पूसा संस्थान में अनुसंधान जलवायु अनुकूल फसल किस्मों और बायो फोर्टिफाइड किस्मों के विकास पर केंद्रित है, जो उच्च उत्पादकता के साथ बेहतर पोषण सुरक्षा प्रदान करता है. वर्ष 2024 के दौरान, 10 विभिन्न फसलों में कुल 27 नवीन किस्में विकसित की गई, जिनमें 7 गेहूं की किस्में, 3 चावल, 8 संकर मक्का, 1 संकर बाजरा, 2 चने की किस्में, 1 अरहर संकर, 3 मूंग दाल किस्में, 1 मसूर की किस्म, 2 डबल जीरो सरसों की किस्में और 1 सोयाबीन की किस्म शामिल हैं. इनमें 16 किस्में और 11 संकर हैं. बदलते जलवायु परिदृश्य के तहत पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 10 जलवायु अनुकूल और बायो फोर्टिफाइड किस्मों का विकास किया गया है, जिसमें 7 अनाज और मिलेट्स, 2 दालें और 1 चारा किस्म शामिल है.
§भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली में पूसा कृषि विज्ञान मेला 2025 आयोजित होने जा रहा है. ये मेला 22 से 24 फरवरी तक चलेगा. मेले का विषय “उन्नत कृषि – विकसित भारत” है. उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान होंगे. इसके अलावा रामनाथ ठाकुर, राज्य मंत्री, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि होंगे. भागीरथ चौधरी, राज्य मंत्री, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय 24 फरवरी, 2025 को आयोजित समापन सत्र के मुख्य अतिथि होंगे. डॉ. हिमांशु पाठक, सचिव डेयर और महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद उद्घाटन और समापन सत्र की अध्यक्षता करेंगे.

