नई दिल्ली में मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने गुरुवार को राजधानी में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan से मुलाकात की। इस बैठक में राज्य के किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और कुछ बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। खास तौर पर सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान योजना लागू करने और तुअर (अरहर) की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक के बाद माना जा रहा है कि इन फैसलों से मध्य प्रदेश के लाखों सरसों और तुअर उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर बाजार में कीमतों में गिरावट की स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने में यह फैसले अहम साबित होंगे।
सरसों किसानों को मिलेगा भावांतर का लाभ
बैठक में मध्य प्रदेश में सरसों खरीद से जुड़े लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। राज्य सरकार ने सरसों किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू करने का प्रस्ताव केंद्र के सामने रखा था। केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए अधिकारियों को योजना की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
भावांतर भुगतान योजना के तहत यदि बाजार में सरसों की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम रहती है, तो सरकार किसानों को अंतर की राशि देगी। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा और उन्हें बाजार की अनिश्चितता से राहत मिलेगी। राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से सरसों उत्पादक किसानों का भरोसा बढ़ेगा और उन्हें आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी।
तुअर की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद को मंजूरी
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री Mohan Yadav को तुअर (अरहर) की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद से संबंधित स्वीकृति पत्र भी सौंपा। इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश में तुअर की पूरी फसल की सरकारी खरीद सुनिश्चित की जा सकेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार यह निर्णय दलहन उत्पादक किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। तुअर की कीमतों में अक्सर उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। सरकारी खरीद की गारंटी मिलने से किसानों को बाजार में कम कीमत मिलने की स्थिति में भी सुरक्षा मिलेगी और उनकी आय में स्थिरता आने की संभावना बढ़ेगी।
कृषि योजनाओं और लंबित मामलों पर हुई समीक्षा
बैठक में केवल सरसों और तुअर ही नहीं बल्कि कई अन्य कृषि योजनाओं और लंबित मुद्दों की भी समीक्षा की गई। इनमें सरसों और सोयाबीन के भावांतर भुगतान, दलहन मिशन के तहत मूंग और उड़द के अतिरिक्त लक्ष्य, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम और उर्वरक से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई।
केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मध्य प्रदेश से जुड़े लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उनका कहना था कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से किसानों और ग्रामीण परिवारों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाया जा सकता है।
सरकार को उम्मीद है कि इन फैसलों से मध्य प्रदेश के कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

