प्रधानमंत्री Narendra Modi आज असम के Guwahati में आयोजित कार्यक्रम के दौरान Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi (पीएम-किसान) योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे। इस किस्त के तहत देशभर के 9.32 करोड़ किसानों के बैंक खातों में ₹18,640 करोड़ की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। यह राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से किसानों के खातों में भेजी जाएगी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक किसानों के खातों में ₹4.09 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिला किसानों को भी मिल रहा है। इस बार 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान भी अपने खातों में पीएम-किसान की किस्त प्राप्त करेंगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों को दी जा रही यह प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता खेती में निवेश बढ़ाने में मदद कर रही है और किसानों की साहूकारों पर निर्भरता कम कर रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
कृषि क्षेत्र में बढ़ी उत्पादन क्षमता
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत के कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2014 में देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 252 मिलियन टन था, जो अब बढ़कर 357 मिलियन टन तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भारत अब खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनकर उभरा है।
उन्होंने बताया कि धान उत्पादन के मामले में भारत 150 मिलियन टन उत्पादन के साथ दुनिया में अग्रणी बन गया है। वहीं बागवानी क्षेत्र में भी तेजी से वृद्धि हुई है। फलों और सब्जियों का उत्पादन 277 मिलियन टन से बढ़कर 369 मिलियन टन तक पहुंच गया है।
किसानों के लिए नई तकनीकी पहल
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि किसानों की मदद के लिए सरकार ने ‘भारत विस्तार’ नाम से एक एआई आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का पहला चरण शुरू किया है। इसके माध्यम से किसान एक फोन कॉल के जरिए अपनी स्थानीय भाषा में खेती से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में सरकार ने गेहूं, धान, कपास, तिलहन और दलहन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर रिकॉर्ड खरीद की है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है।
कृषि ऋण और बजट में बढ़ोतरी
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, वर्ष 2014 में कृषि ऋण ₹8.45 लाख करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹28.69 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के तहत किसानों के खातों में लगभग ₹2 लाख करोड़ के दावे जमा कराए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि कृषि बजट में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां कृषि बजट लगभग ₹27,000 करोड़ था, वहीं अब यह बढ़कर ₹1.40 लाख करोड़ से अधिक प्रतिवर्ष हो गया है।
सरकार का मानना है कि इन पहलों से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

