कृषि क्षेत्र में उभरती डिजिटल तकनीकों को किसानों और उद्योग जगत से जोड़ने के उद्देश्य से Punjab Agricultural University (PAU) 20–21 मार्च 2026 को लुधियाना में आयोजित होने वाले किसान मेले के दौरान एक विशेष अकादमिक-इंडस्ट्री प्रदर्शनी आयोजित करने जा रहा है। यह दो दिवसीय प्रदर्शनी “Emerging and Cutting Edge Digital Technologies for Smart Agriculture” विषय पर केंद्रित होगी, जिसमें आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति Dr. Satbir Singh Gosal के मार्गदर्शन में पीएयू के कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में School of Digital Innovations for Smart Agriculture (S-DISA) की स्थापना की गई है। इस पहल का उद्देश्य कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाकर स्मार्ट खेती को बढ़ावा देना है।
कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के डीन Dr. Manjeet Singh ने बताया कि मार्च 2026 में आयोजित पीएयू किसान मेले की श्रृंखला में डिजिटल नवाचारों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय का मुख्य कार्यक्रम 20–21 मार्च को लुधियाना परिसर में आयोजित होगा, जहां किसानों को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पीएयू ने Digital Technology Park for Futuristic Smart Farming विकसित किया है, जिसे Punjab and Sind Bank के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) सहयोग से स्थापित किया गया है। यह परियोजना “Futuristic Farming: Demonstrating Cutting-Edge Agri-Techniques for Resource Conservation” के अंतर्गत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य संसाधनों के संरक्षण के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन करना है।
स्टार्टअप और उद्योग कंपनियों की भागीदारी
किसान मेले में डिजिटल नवाचार से जुड़ी गतिविधियों के तहत लगभग 25–30 स्टार्टअप भाग लेंगे, जिन्हें Punjab Agri Business Incubator (PABI) का समर्थन प्राप्त है। ये स्टार्टअप अत्याधुनिक तकनीक आधारित कृषि मशीनरी और स्मार्ट उपकरणों का प्रदर्शन करेंगे।
इसके साथ ही उद्योग प्रदर्शनी में कई कंपनियां प्रिसीजन फार्मिंग तकनीक, AI-आधारित पौधा-स्तर निगरानी प्रणाली और स्वचालित कृषि समाधान प्रस्तुत करेंगी।
जल संरक्षण और जलवायु-अनुकूल खेती पर जोर
डॉ. मनजीत सिंह के अनुसार, वर्ष 2026 के किसान मेले में जल-कुशल तकनीकों, जलवायु-सहिष्णु फसल किस्मों और डिजिटल कृषि विस्तार प्लेटफॉर्म पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। पंजाब में घटते भूजल स्तर को देखते हुए यह पहल किसानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म भी होंगे प्रदर्शित
प्रदर्शनी के दौरान पीएयू अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे PAU Farmer Portal और PAU Kisan App को भी प्रदर्शित करेगा। इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से किसानों को मौसम, फसल प्रबंधन और कृषि तकनीकों से संबंधित रीयल-टाइम सलाह उपलब्ध कराई जाती है।
विश्वविद्यालय ने एग्री-टेक कंपनियों, ड्रोन और रोबोट निर्माता, तथा स्मार्ट सिंचाई प्रणाली विकसित करने वाली कंपनियों को भी इस प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। पीएयू का मानना है कि यह आयोजन कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देने और उद्योग-शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

