नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अगर आपका घर लंबे समय से बंद पड़ा है और बिजली की खपत लगभग शून्य है, तो आने वाले समय में उस कनेक्शन पर मिलने वाली बिजली सब्सिडी बंद हो सकती है। सरकार ऐसे “डोरमेंट” यानी निष्क्रिय बिजली उपभोक्ताओं की पहचान कर उनकी सब्सिडी रोकने की योजना पर काम कर रही है। इसका मकसद बिजली सब्सिडी पर बढ़ते सरकारी खर्च को नियंत्रित करना बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक कई ऐसे बिजली कनेक्शन सामने आए हैं, जिनमें महीने भर बिजली की खपत ना के बराबर होती है, लेकिन उन कनेक्शनों पर लगने वाला फिक्स चार्ज सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में बिजली कंपनियों को दिया जाता रहता है। प्रस्तावित योजना के तहत अगर किसी कनेक्शन को डोरमेंट श्रेणी में रखा जाता है, तो उस पर मिलने वाली सब्सिडी बंद कर दी जाएगी और उपभोक्ता को फिक्स चार्ज खुद चुकाना होगा, भले ही वह 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की श्रेणी में क्यों न आता हो।
अधिकारियों का कहना है कि बिजली बिलों के विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि साल में तीन से चार महीने ऐसे होते हैं जब हजारों कनेक्शनों पर बिजली की खपत लगभग शून्य रहती है। खासतौर पर सर्दियों के महीनों में ऐसे मामलों की संख्या ज्यादा देखने को मिलती है। इसके बावजूद सरकार को हर महीने इन कनेक्शनों के फिक्स चार्ज का भुगतान करना पड़ता है, जिससे सब्सिडी का खर्च लगातार बढ़ रहा है।
दिल्ली में फिलहाल 62 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। दिसंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार इनमें से करीब 58.72 लाख उपभोक्ताओं को बिजली सब्सिडी का लाभ मिला था। सरकार का मानना है कि इनमें कुछ ऐसे कनेक्शन भी शामिल हैं जो लंबे समय से सक्रिय नहीं हैं, लेकिन सब्सिडी का फायदा लेते रहे हैं।
डोरमेंट बिजली उपभोक्ता ऐसे लोगों को कहा जाता है जिन्होंने बिजली कनेक्शन तो लिया है, लेकिन उनकी मासिक खपत बेहद कम या लगभग शून्य रहती है। आमतौर पर ऐसे उपभोक्ता वे होते हैं जो साल के अधिकतर समय दिल्ली से बाहर रहते हैं या जिनके मकान बंद रहते हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में एक ही घर में सब्सिडी का लाभ लेने के लिए अलग-अलग बिजली कनेक्शन तक ले लिए गए हैं।
यही वजह है कि 2020 से 2025 के बीच दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में 12 लाख से ज्यादा का इजाफा हुआ, जबकि पानी के उपभोक्ताओं की संख्या में इतना बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। इससे भी सरकार को शक है कि कई कनेक्शन सिर्फ सब्सिडी का लाभ लेने के लिए लिए गए हैं।
फिलहाल दिल्ली में 200 यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त मिलती है। अगर खपत 201 से 400 यूनिट के बीच होती है तो सरकार कुल बिल पर 50 फीसदी तक की सब्सिडी देती है, जिसकी अधिकतम सीमा 800 रुपये है। वहीं 401 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च होने पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती।
सरकार की इस नई योजना को लागू करने से पहले डोरमेंट कनेक्शनों की पहचान और उनकी स्पष्ट परिभाषा तय की जाएगी। माना जा रहा है कि इस कदम से बिजली सब्सिडी के खर्च पर लगाम लगाने के साथ-साथ वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक ही इसका लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।

