देश के कमजोर और वंचित वर्गों को मुफ्त एवं प्रभावी कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से National Legal Services Authority (NALSA) लगातार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से काम कर रही है। यह संस्था Legal Services Authorities Act, 1987 के तहत स्थापित की गई थी, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक या सामाजिक कारणों से किसी भी नागरिक को न्याय प्राप्त करने के अवसर से वंचित न होना पड़े।
नालसा द्वारा संचालित कानूनी सहायता और सलाह कार्यक्रमों से पिछले तीन वर्षों में बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 में 15,50,164, वर्ष 2024-25 में 16,57,527 और वर्ष 2025-26 (जनवरी 2026 तक) में 16,60,249 लोगों को कानूनी सहायता और सलाह प्रदान की गई। इस प्रकार कुल मिलाकर 48,67,940 लाभार्थियों तक मुफ्त कानूनी सेवाएं पहुंचाई गईं।
लोक अदालतों के माध्यम से लाखों मामलों का समाधान
देशभर में न्यायिक प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाने के लिए लोक अदालतों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में राज्य लोक अदालतों में 32,76,598 मामलों का निपटारा किया गया, जबकि स्थायी लोक अदालतों में 7,03,683 मामलों का समाधान हुआ।
वहीं National Lok Adalat के माध्यम से वर्ष 2023, 2024 और 2025 के दौरान कुल मिलाकर 33,82,93,386 मामलों का निपटारा किया गया, जो वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
देशभर में कानूनी जागरूकता अभियान
कानूनी सेवाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए राज्य, जिला और तहसील स्तर पर नियमित रूप से कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में बच्चों, मजदूरों, आपदा पीड़ितों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों, दिव्यांगजनों तथा अन्य जरूरतमंद वर्गों को विभिन्न कानूनों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है।
पिछले तीन वर्षों में देशभर में 13,85,284 कानूनी जागरूकता शिविर और कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 12,26,14,188 लोगों ने भाग लिया। इन कार्यक्रमों के दौरान सरल भाषा में तैयार की गई पुस्तिकाएं और पंपलेट भी वितरित किए जाते हैं, ताकि आम नागरिक अपने अधिकारों और कानूनों के बारे में आसानी से समझ सकें।
आपराधिक मामलों में मुफ्त कानूनी सहायता
केंद्र सरकार ने वर्ष 2023-24 से Legal Aid Defense Counsel System (LADCS) योजना भी लागू की है, जिसके माध्यम से आपराधिक मामलों में पात्र लाभार्थियों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
31 दिसंबर 2025 तक देश के 680 जिलों में एलएडीसी कार्यालय स्थापित किए जा चुके हैं। योजना की शुरुआत से अब तक 12,62,857 मामलों को कानूनी सहायता के लिए सौंपा गया, जिनमें से 8,71,581 मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
कानून एवं न्याय मंत्रालय में स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री Arjun Ram Meghwal ने यह जानकारी राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के हर नागरिक को न्याय तक समान और आसान पहुंच मिल सके।

