दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को बड़ा संकेत देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम (SRDC) का नाम बदलने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई SRDC बोर्ड की हाई-लेवल रिव्यू बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य पुरानी दिल्ली और शाहजहानाबाद क्षेत्र के समग्र विकास की योजनाओं की समीक्षा करना था।
सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, बैठक में यह तय किया गया कि निगम का नया नाम तय करने के लिए तीन संभावित नामों के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। इसके बाद इन प्रस्तावों में से अंतिम नाम का चयन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि नए नाम के साथ संस्था को नई पहचान और दिशा दी जा सकती है, जिससे पुरानी दिल्ली के विकास कार्यों को और गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक के दौरान कहा कि अब समय आ गया है कि इस संस्था का व्यापक पुनर्गठन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निगम को अधिक प्रभावी और सक्रिय बनाकर पुरानी दिल्ली के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार सिर्फ नाम बदलने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संस्था की कार्यप्रणाली में भी सुधार लाने के प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पुराने प्रोजेक्ट्स और खर्चों की समीक्षा की जाए और यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। सरकार का कहना है कि विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है।
इस बैठक का एक अहम हिस्सा चांदनी चौक पुनर्विकास परियोजना की समीक्षा भी रहा। दिगंबर लाल जैन मंदिर से फतेहपुरी मस्जिद तक फैले इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की प्रगति, लागत और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चांदनी चौक और आसपास का क्षेत्र दिल्ली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इसके विकास में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा सकती। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, यातायात व्यवस्था और पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
सरकार का मानना है कि यदि SRDC को नए ढांचे और नई रणनीति के साथ काम करने का मौका दिया जाए तो पुरानी दिल्ली के बुनियादी ढांचे, व्यापारिक गतिविधियों और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि भविष्य में इस निगम को ऐसे प्रोजेक्ट्स दिए जाएं जो सीधे तौर पर पुरानी दिल्ली के विकास और विरासत संरक्षण से जुड़े हों।

