उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने अब तक गन्ना किसानों को 3,15,753 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित किया है। इस ऐतिहासिक भुगतान से प्रदेश के लगभग 48 लाख गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिला है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है।
सरकार की सख्त निगरानी और नियमित समीक्षा के चलते प्रदेश की चीनी मिलों द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान की प्रक्रिया में तेजी आई है। वर्तमान पेराई सत्र में अधिकांश चीनी मिलों ने किसानों को समय से भुगतान करना शुरू कर दिया है, जिससे किसानों की आर्थिक परेशानियां काफी हद तक कम हुई हैं। इसके साथ ही गन्ना मूल्य भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम भी लागू किया गया है।
गन्ना आयुक्त श्रीमती मिनिस्ती एस. ने बताया कि किसानों को गन्ना पर्ची, सर्वे और गन्ना मूल्य भुगतान से जुड़ी सभी जानकारियां अब एसएमएस और विभागीय पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे किसानों को समय पर जानकारी मिल रही है और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि समय से भुगतान होने के कारण लाखों गन्ना किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार गन्ना किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए लगातार किसान हितैषी योजनाएं और डिजिटल नीतियां लागू कर रही है। इन प्रयासों का ही परिणाम है कि गन्ना भुगतान की व्यवस्था में सुधार हुआ है और किसानों को समय पर उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है।
गन्ना आयुक्त के अनुसार, वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों को अब तक की सबसे बड़ी धनराशि का भुगतान कराया है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। सरकार ने गन्ना मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करते हुए पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना कीमतों में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है।
नई दरों के अनुसार अगैती प्रजातियों के लिए गन्ना मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजातियों के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इस बढ़ोतरी से प्रदेश के गन्ना किसानों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गन्ना किसानों को समय से भुगतान और बढ़ी हुई कीमतों का सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
प्रदेश सरकार का मानना है कि गन्ना क्षेत्र में हो रहे इन सुधारों और किसानों को मिल रही आर्थिक मजबूती का बड़ा योगदान उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

