मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ते खतरे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की। लगभग दो घंटे चली इस हाई-लेवल मीटिंग में तेल सप्लाई, महंगाई, ईंधन उपलब्धता, आवश्यक वस्तुओं की कीमतें और रसद व्यवस्था पर संभावित प्रभावों की गहन समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक की शुरुआत में साफ शब्दों में कहा कि “वर्तमान वैश्विक संकट के बावजूद देश में लॉकडाउन लगाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। हमें ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ आगे बढ़ना है।” उन्होंने राज्यों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और ऊर्जा सुरक्षा व आर्थिक स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
सप्लाई चेन और जमाखोरी पर कड़े निर्देश
पीएम मोदी ने राज्यों से कहा कि तेल, गैस और आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई बिल्कुल बाधित न हो, इसके लिए जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत की जाए। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी तरह की जमाखोरी और मुनाफाखोरी को तत्काल रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आम लोगों को अनावश्यक बोझ न झेलना पड़े।
उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैल रही गलत सूचनाओं के प्रति भी चेतावनी दी और कहा कि “अफवाहों को रोकना और सही जानकारी जनता तक पहुंचाना सरकारों की संयुक्त जिम्मेदारी है।”
राज्यों ने दिए हालात और तैयारियों के अपडेट
मीटिंग में देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे, जिनमें उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, पंजाब के भगवंत मान, कर्नाटक के रेवंत रेड्डी, आंध्र प्रदेश के चंद्रबाबू नायडू, जम्मू-कश्मीर के उमर अब्दुल्ला, गुजरात के भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी और झारखंड के हेमंत सोरेन शामिल थे।
मुख्यमंत्रियों ने पीएम मोदी को बताया कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीजल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है तथा स्थिति पूरी तरह नियंत्रित है। सभी राज्यों ने आश्वासन दिया कि आम जनता को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग की आचार संहिता लागू होने की वजह से पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री इस चर्चा का हिस्सा नहीं बन सके।
कोरोना काल की याद दिलाई, फिर दोहराया—‘टीम इंडिया ही हमारी ताकत’
प्रधानमंत्री मोदी ने 2020 के कोविड संकट का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह केंद्र और राज्यों ने मिलकर एकजुटता के साथ हालात संभाले थे, उसी सहयोग और समन्वय की आवश्यकता आज भी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत को अपने नागरिकों पर किसी भी अतिरिक्त बोझ को आने नहीं देना है।
उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि खाद्य पदार्थों, ईंधन और दैनिक उपभोग की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो।
ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पीएम मोदी ने कहा कि मिडिल ईस्ट की जंग का सीधा प्रभाव वैश्विक तेल बाजारों पर पड़ रहा है, लेकिन भारत ने अभी तक पर्याप्त भंडार और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों के जरिए स्थिति को संभाला हुआ है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ लगातार समीक्षा जारी रखने पर भी जोर दिया।
मिडिल ईस्ट संकट के बीच आयोजित यह बैठक बताती है कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर स्थिति को स्थिर रखने और नागरिकों पर संकट की आंच न आने देने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। प्रधानमंत्री का स्पष्ट संदेश—“देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा और हम एकजुट होकर हर चुनौती का सामना करेंगे”—इस समय सरकार की प्राथमिकताओं और रणनीति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

