भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत आने वाले भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) ने अपनी पूर्व सूचना में बदलाव करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि अब संस्थान में सभी कक्षाएं नियमित रूप से ऑफलाइन मोड में ही संचालित होंगी।
संस्थान द्वारा 25 मार्च 2026 को जारी ऑनलाइन कक्षाओं संबंधी सूचना को वापस ले लिया गया है। समीक्षा के बाद आईएआरआई प्रशासन ने अगले ही दिन परिसर में सभी गतिविधियों को पूरी तरह बहाल कर दिया। इसके बाद 26 मार्च 2026 को स्नातक विद्यालय द्वारा जारी संशोधित आदेश में यह पुष्टि की गई कि स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के सभी विद्यार्थियों की कक्षाएं पूर्व निर्धारित शैक्षणिक कार्यक्रम के अनुसार ऑफलाइन जारी रहेंगी।
आईएआरआई प्रशासन ने बताया कि संस्थान में शैक्षणिक माहौल पूरी तरह सामान्य हो चुका है और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। ऑफलाइन कक्षाओं के पुनः संचालन से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, प्रयोगशाला सुविधाओं का लाभ और शिक्षकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्रावास, मेस और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहले की तरह पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रही हैं। सभी छात्रों को नियमित रूप से आवास, भोजन और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
आईएआरआई के इस निर्णय को छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड को लेकर बनी अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है। छात्रों ने भी ऑफलाइन कक्षाओं की वापसी का स्वागत किया है, क्योंकि इससे पढ़ाई की गुणवत्ता और व्यावहारिक प्रशिक्षण में सुधार होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि शिक्षा जैसे क्षेत्र में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और प्रयोगात्मक कार्य बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन छात्रों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। आईएआरआई का यह कदम इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
संस्थान प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहें और शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। साथ ही, परिसर में अनुशासन और नियमों का पालन करने पर भी जोर दिया गया है।
कुल मिलाकर, आईसीएआर-आईएआरआई का यह निर्णय न केवल शैक्षणिक व्यवस्था को पटरी पर लाने में मदद करेगा, बल्कि छात्रों को बेहतर सीखने का वातावरण भी प्रदान करेगा। यह कदम कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थान की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

