देशभर में मौसम (Weather Update) का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम भारत में 2 से 5 अप्रैल के बीच बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। खासतौर पर 3 और 4 अप्रैल को इसका प्रभाव सबसे ज्यादा रहेगा। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है।
IMD के अनुसार, इस पश्चिमी विक्षोभ का असर सिर्फ उत्तर भारत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य और पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय बना रहेगा। 6 अप्रैल तक मध्य भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने के आसार हैं। इसके चलते उत्तर-पश्चिम भारत में दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।
2 अप्रैल के मौसम की बात करें तो पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर जारी है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। वहीं, बिहार, झारखंड और ओडिशा जैसे पूर्वी राज्यों में भी हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम खराब रह सकता है और कहीं-कहीं ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है। पश्चिम भारत में महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ इलाकों में भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम करवट लेने वाला है। 2 अप्रैल को जहां आंशिक बादल छाए रहेंगे और तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, वहीं 3 और 4 अप्रैल को हल्की बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके चलते तापमान में गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का असर अधिक देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 3 से 5 अप्रैल के बीच बारिश और बर्फबारी हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है।
किसानों और पशुपालकों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण हो सकता है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि पकी हुई फसलों की जल्द कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखें। बागवानी फसलों को ओलों से बचाने के लिए जाल या कवर का उपयोग करें और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें। तेज हवाओं से फसलों को नुकसान से बचाने के लिए सहारा देना जरूरी है। पशुपालकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है और पशुओं को खराब मौसम के दौरान खुले में न रखने की हिदायत दी गई है।
कुल मिलाकर, अगले कुछ दिन देशभर में मौसम के लिहाज से अहम रहने वाले हैं, जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं तेज आंधी और ओलावृष्टि से सतर्क रहने की जरूरत भी होगी।

