डिजिटल प्रसारण के तेजी से बदलते परिदृश्य के बीच भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘एप्लिकेशन-आधारित लीनियर टेलीविजन वितरण (ALTD) सेवाओं’ के लिए नियामक ढांचा तैयार करने पर परामर्श पत्र जारी किया है। इस पहल में मुफ्त विज्ञापन-समर्थित स्ट्रीमिंग टेलीविजन (FAST) सेवाओं को भी शामिल किया गया है।
यह कदम सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा ट्राई को भेजे गए संदर्भ के आधार पर उठाया गया है। मंत्रालय ने 15 दिसंबर 2025 को ट्राई से अनुरोध किया था कि वह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से उभर रही FAST सेवाओं के लिए ऐसा ढांचा तैयार करे, जो निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, सामग्री जवाबदेही और उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित कर सके।
ALTD सेवाएं उन प्लेटफॉर्म्स को कहा जाता है, जो उपभोक्ताओं को इंटरनेट के माध्यम से लीनियर टीवी चैनल उपलब्ध कराते हैं। ये सेवाएं स्मार्ट टीवी, मोबाइल एप्लिकेशन, प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स या वेब ब्राउज़र के जरिए सुलभ होती हैं। FAST सेवाएं इसी का एक हिस्सा हैं, जहां उपयोगकर्ताओं को बिना सब्सक्रिप्शन शुल्क के विज्ञापन-आधारित टीवी सामग्री देखने को मिलती है।
ट्राई द्वारा जारी परामर्श पत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सुझाव मांगे गए हैं। इसमें ALTD सेवाएं प्रदान करने वाले ऐप प्रदाताओं के लिए लाइसेंसिंग और संचालन संबंधी नियमों, तथा इन प्लेटफॉर्म्स पर चैनल उपलब्ध कराने वाले प्रसारकों, कंटेंट प्रदाताओं और एग्रीगेटर्स की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने पर जोर दिया गया है।
इस पहल का उद्देश्य डिजिटल प्रसारण क्षेत्र में तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच एक संतुलित और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करना है। वर्तमान में OTT और FAST सेवाओं के बढ़ते उपयोग के कारण पारंपरिक टीवी प्रसारण प्रणाली में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में एक स्पष्ट नियामक ढांचे की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
ट्राई ने इस परामर्श पत्र के माध्यम से सभी हितधारकों—जैसे प्रसारण कंपनियां, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, टेक कंपनियां और उपभोक्ता समूहों—से अपनी राय देने का आग्रह किया है। इच्छुक पक्ष 4 मई 2026 तक अपनी टिप्पणियां और 18 मई 2026 तक प्रति-टिप्पणियां जमा कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत में डिजिटल मीडिया और प्रसारण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को बेहतर और सुरक्षित सेवाएं मिलेंगी, बल्कि उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में यह पहल भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और संतुलित प्रसारण इकोसिस्टम विकसित करने में मदद करेगी। आने वाले समय में यह नियामक ढांचा OTT और FAST सेवाओं के संचालन को स्पष्ट दिशा प्रदान करेगा और डिजिटल मनोरंजन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

