रायसेन में 11 से 13 अप्रैल के बीच आयोजित तीन दिवसीय ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ ने ‘बीज से बाजार तक’ की सोच को साकार करते हुए आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ खेती की दिशा में एक मजबूत पहल पेश की। इस महोत्सव का उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों और सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए खेती को अधिक उत्पादनशील, लागत-प्रभावी और बाजार उन्मुख बनाना रहा। आयोजन में देशभर से आए कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया, जिससे यह एक प्रभावी ज्ञान-साझाकरण मंच बन गया।
महोत्सव के दौरान कुल 24 प्रशिक्षण एवं सेमिनार सत्र आयोजित किए गए, जिनमें किसानों को इंटीग्रेटेड फार्मिंग, पॉलीहाउस तकनीक, हाइड्रोपोनिक्स, बागवानी, फूलों की खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन, दलहन-तिलहन उत्पादन और कृषि मशीनीकरण जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इन सत्रों की खास बात यह रही कि ये पूरी तरह इंटरैक्टिव थे, जहां किसानों ने सीधे विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त किया। इससे किसानों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान मिला, बल्कि व्यावहारिक स्तर पर खेती को अधिक लाभकारी बनाने के तरीके भी समझ में आए।
इस महोत्सव की विशेष उपलब्धि ‘बीज से बाजार तक’ का एक समग्र रोडमैप प्रस्तुत करना रहा। इसमें स्थानीय मिट्टी, जलवायु, जल संसाधनों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर उपयुक्त फसलों, फलों और सब्जियों के चयन से लेकर उनके उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन तक की पूरी रणनीति शामिल की गई। इससे किसानों को यह समझने में मदद मिली कि कैसे वे अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं और खेती को एक लाभदायक व्यवसाय में बदल सकते हैं।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने इसे ऐसा मंच बताया, जहां प्रौद्योगिकी, नवाचार और व्यावहारिक ज्ञान एक साथ प्रस्तुत किए जाते हैं, जिससे किसानों को आधुनिक खेती की दिशा मिलती है।
महोत्सव में लगभग 350 स्टॉल लगाए गए, जिनमें विभिन्न कृषि उपकरणों, उन्नत तकनीकों और सरकारी योजनाओं का प्रदर्शन किया गया। किसानों ने इन स्टॉलों के माध्यम से नई तकनीकों को करीब से देखा और समझा। इसके अलावा, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए लगभग 4000 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1800 कार्ड मौके पर ही स्वीकृत कर वितरित किए गए, जो किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ।
साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और अन्य कृषि योजनाओं को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया गया, जिससे किसानों को जोखिम प्रबंधन और वित्तीय सुरक्षा के बारे में जानकारी मिली। कुल मिलाकर, रायसेन का यह ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ किसानों को सशक्त, आत्मनिर्भर और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जो भविष्य में खेती को एक मजबूत और लाभकारी पेशे के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।

