राजस्थान के सीमावर्ती औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में यूरिया की कालाबाजारी और गड़बड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और किसानों दोनों को सतर्क कर दिया है। जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए ग्रीनोक्स ऑयल प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से 830 बैग यूरिया संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किए हैं। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और खाद कारोबार से जुड़े लोगों में चिंता का माहौल है।
प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से बरामद किए गए सभी यूरिया बैगों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। साथ ही इनके नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यूरिया असली है या उसमें किसी प्रकार की मिलावट या अवैध उपयोग की कोशिश की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस कार्रवाई की शुरुआत मुंडावर क्षेत्र से की गई, जहां खाद-बीज विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों और गोदामों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान पंसारी खाद बीज भंडार, मुंडावर और जय बाबा मनीराम खाद बीज भंडार, हटूंडी में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। दोनों प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिला, जो नियमों का उल्लंघन माना गया है। प्रशासन ने इन दोनों दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है और उनके लाइसेंस को निलंबित या निरस्त करने की सिफारिश भी की है।
इसके बाद प्रशासनिक टीम ने भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की नौ औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया। इसी दौरान ग्रीनोक्स ऑयल प्राइवेट लिमिटेड में भारी मात्रा में यूरिया संदिग्ध हालत में पाया गया। प्राथमिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि इस यूरिया का उपयोग कृषि के बजाय अन्य औद्योगिक कार्यों में किया जा सकता था, जो नियमों के खिलाफ है। इसी आशंका के चलते प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी 830 बैग जब्त कर लिए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में गड़बड़ी साबित होती है, तो संबंधित कंपनी और दोषियों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस रद्द करना और यहां तक कि गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से नकली यूरिया और कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थीं। किसानों की इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अब प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में जांच अभियान और तेज किया जाएगा तथा अन्य संदिग्ध प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस अचानक हुई सख्त कार्रवाई से जहां एक ओर अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं किसानों को उम्मीद जगी है कि अब उन्हें सही गुणवत्ता का खाद उचित कीमत पर मिल सकेगा। प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

