देश के कई हिस्सों में अप्रैल 2026 के आखिरी दिनों में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकांश इलाकों में तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ऐसे में हर किसी को मानसून का बेसब्री से इंतजार है। इसी बीच मौसम से जुड़े नए संकेत उम्मीद जगा रहे हैं कि इस साल मानसून (Monsoon) तय समय से पहले भारत में दस्तक दे सकता है।
ताजा अनुमान के मुताबिक, यूरोपीय मध्यम-श्रेणी मौसम पूर्वानुमान केंद्र (ECMWF) ने संकेत दिया है कि मानसून सबसे पहले अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 18 से 25 मई के बीच पहुंच सकता है। आमतौर पर हर साल मानसून की भारत में एंट्री यहीं से होती है, लेकिन इस बार इसके समय से पहले आने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, इस दौरान इन द्वीपों में सामान्य से 30 से 60 मिमी अधिक बारिश हो सकती है। यह संकेत देता है कि मानसून की शुरुआत मजबूत हो सकती है। इसके बाद 25 मई से 1 जून के बीच मानसून के केरल और तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो दक्षिण भारत में गर्मी से राहत मिलने के साथ ही कृषि गतिविधियां भी समय पर शुरू हो जाएंगी।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार मानसून को तेज करने वाले कई सकारात्मक संकेत देखने को मिल रहे हैं। खासतौर पर बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर दक्षिण-पश्चिमी हवाएं मजबूत हो रही हैं। ये हवाएं समुद्र से नमी लेकर आती हैं और बारिश को बढ़ावा देती हैं। यही वजह है कि मानसून के आगे बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
इसके अलावा, अंडमान के उत्तरी हिस्से में एक हल्का चक्रवाती सिस्टम बनने की 20 से 40 प्रतिशत संभावना जताई गई है। ऐसे सिस्टम अक्सर मानसून को मजबूती देते हैं और बारिश की गतिविधियों को तेज करते हैं। यदि यह सिस्टम सक्रिय होता है, तो मानसून (Monsoon) की रफ्तार और भी बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले मानसून का आगमन किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई समय पर शुरू होगी, जिससे उत्पादन में भी सुधार होने की उम्मीद है। वहीं, लंबे समय से गर्मी से परेशान आम लोगों को भी राहत मिलेगी।
हालांकि, मौसम वैज्ञानिक अभी भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में मौसम के पैटर्न में बदलाव के अनुसार पूर्वानुमान में कुछ बदलाव संभव है। फिर भी फिलहाल के संकेत यही बताते हैं कि इस बार मानसून राहत की फुहारें लेकर थोड़ा जल्दी दस्तक दे सकता है।

