मध्य प्रदेश में गेहूं उत्पादक किसानों के लिए गुरुवार शाम को बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए गेहूं खरीदी लक्ष्य में बड़ा इजाफा कर दिया है। अब प्रदेश में कुल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीदी की जाएगी, जो पहले तय 78 लाख मीट्रिक टन से काफी ज्यादा है। इस फैसले को किसानों के हित में एक अहम कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राज्य में इस साल गेहूं का उत्पादन उम्मीद से कहीं अधिक हुआ है। ऐसे में किसानों को उनकी उपज का पूरा लाभ दिलाने के लिए खरीदी लक्ष्य बढ़ाने की जरूरत थी। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से अनुरोध किया था, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया। मुख्यमंत्री ने इसके लिए केंद्र का आभार भी जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस बार प्रदेश में गेहूं का उत्पादन लगभग दोगुना हुआ है। हालांकि, खरीदी प्रक्रिया के दौरान जूट के बोरों की कमी जैसी कुछ चुनौतियां सामने आई हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं का समाधान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि किसी भी किसान का गेहूं बिना खरीदे नहीं छोड़ा जाएगा। जरूरत पड़ने पर खरीदी की समय सीमा भी बढ़ाई जा सकती है।
राज्य सरकार ने किसानों को अधिकतम लाभ देने के लिए समर्थन मूल्य (MSP) के साथ अतिरिक्त बोनस देने का भी फैसला किया है। वर्तमान में किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। इससे किसानों की आमदनी में सीधा इजाफा होगा और उन्हें बाजार में बेहतर कीमत मिलने की गारंटी भी मिलेगी।
इसके अलावा, सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्लॉट बुकिंग की तारीख भी बढ़ा दी है। पहले यह तारीख 24 अप्रैल तक थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है। इससे अधिक से अधिक किसान अपनी उपज को सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि राज्य सरकार पहले भी किसानों के हित में कई योजनाएं लागू कर चुकी है। खासतौर पर खरीफ सीजन में सोयाबीन किसानों के लिए चलाई गई भावांतर योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार लगातार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रयासरत है।
कुल मिलाकर, गेहूं खरीदी लक्ष्य में यह बढ़ोतरी प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इससे न सिर्फ किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिलेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में स्थिरता और विश्वास भी मजबूत होगा।

