जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण विकास, सड़क कनेक्टिविटी और आजीविका को नई रफ्तार देते हुए Shivraj Singh Chouhan ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के तहत 3566 करोड़ रुपये की सड़कों की मंजूरी का पत्र Omar Abdullah को श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में सौंपा। इस दौरान कुल मिलाकर लगभग 8000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने से प्रदेश के विकास को बड़ा बूस्ट मिला है।
हर गांव तक सड़क, विकास की नई राह
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि हर गांव, हर बस्ती और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सड़कें शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के अवसरों को लोगों के करीब लाती हैं।
महिलाओं के लिए 4568 करोड़ की बड़ी मदद
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए Deendayal Antyodaya Yojana National Rural Livelihood Mission के तहत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 4568.23 करोड़ रुपये से अधिक की मदर सैंक्शन जारी की गई।
कार्यक्रम में “लखपति दीदी” पहल से जुड़ी महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
“दिल और दिल्ली दोनों खुले” – शिवराज
Shivraj Singh Chouhan ने अपने संबोधन में कहा कि जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए “दिल के द्वार भी खुले हैं और दिल्ली के द्वार भी खुले हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जम्मू-कश्मीर का विकास बेहद जरूरी है।
कृषि और किसानों के लिए नया रोडमैप
केंद्रीय मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल को बढ़ावा देने की बात कही। इसके तहत फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को जोड़कर आय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
साथ ही Indian Council of Agricultural Research के वैज्ञानिकों की टीम को राज्य में भेजने की घोषणा की गई, जो स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुसार कृषि रणनीति तैयार करेगी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का भरोसा
मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने 8000 करोड़ रुपये की मंजूरी को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी स्वीकृति एक ही चरण में मिलना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इन परियोजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारेगी।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियों में सड़क संपर्क जीवन बदलने वाला माध्यम है, जो दूरदराज के इलाकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जोड़ता है।
रोजगार और विकास को मिलेगा बल
इन परियोजनाओं से न केवल सड़क नेटवर्क मजबूत होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि, बागवानी और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार की यह पहल जम्मू-कश्मीर को बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण और कृषि विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली साबित हो सकती है। यह कदम राज्य को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए “विकसित भारत” के लक्ष्य को मजबूत करेगा।

