Nautapa 2026: देशभर में गर्मी ने अब विकराल रूप लेना शुरू कर दिया है। मई के आखिरी सप्ताह के साथ ही नौतपा 2026 की शुरुआत हो चुकी है और मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 9 दिनों तक कई राज्यों में भीषण गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक सूरज की तपिश लगातार बढ़ रही है। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है।
भारतीय परंपरा और ज्योतिष में नौतपा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तब नौतपा शुरू होता है। इस दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पड़ती हैं, जिससे गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। कहा जाता है कि यदि नौतपा के 9 दिन तेज गर्मी के साथ गुजरें तो मानसून बेहतर रहता है और अच्छी बारिश की संभावना बढ़ती है।
क्या होता है Nautapa 2026?
नौतपा हर साल मई के अंतिम सप्ताह में शुरू होता है। इस बार यह 25 मई से शुरू माना जा रहा है। ‘नौतपा’ का अर्थ होता है लगातार 9 दिनों तक तेज गर्मी पड़ना। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस दौरान सूर्य की स्थिति ऐसी होती है कि धरती पर गर्म हवाओं और लू का असर काफी बढ़ जाता है।
ग्रामीण इलाकों में नौतपा को खेती और मानसून से भी जोड़कर देखा जाता है। किसानों का मानना है कि अगर नौतपा अच्छे से तपे तो आने वाले मानसून में अच्छी बारिश होती है, जिससे खरीफ फसलों को फायदा मिलता है।
दिल्ली-NCR में भीषण गर्मी का अलर्ट
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत पूरे NCR क्षेत्र में गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कें दोपहर में खाली दिखाई दे रही हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हीटवेव का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली में तापमान 44 डिग्री के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। रात में भी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। बिजली की बढ़ती मांग के कारण कई इलाकों में लोड बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश में लू का कहर
उत्तर प्रदेश के कानपुर, प्रयागराज, झांसी, आगरा और वाराणसी जैसे शहरों में गर्मी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। बुंदेलखंड क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित माना जा रहा है। दोपहर के समय गर्म हवाएं लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर रही हैं।
मौसम विभाग ने सलाह दी है कि लोग दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें। किसानों को भी खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राजस्थान बना सबसे गर्म राज्य
राजस्थान में नौतपा का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और चूरू जैसे शहरों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। रेगिस्तानी इलाकों में गर्म हवाएं और तेज धूप लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक यहां लू की स्थिति बनी रह सकती है। प्रशासन ने कई जिलों में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तपिश बढ़ी
भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर सहित कई शहरों में तेज गर्मी महसूस की जा रही है। मध्य प्रदेश में दिन के समय सड़कें सूनी दिखाई देने लगी हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है।कई इलाकों में बिजली और पानी की मांग अचानक बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को भी गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
बिहार और झारखंड में उमस भरी गर्मी
बिहार और झारखंड में नौतपा के दौरान उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। पटना, गया, रांची और धनबाद में तेज धूप के साथ गर्म हवाएं चल रही हैं।हालांकि कुछ इलाकों में हल्के बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन इससे तापमान में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पंजाब और हरियाणा में बढ़ा तापमान
पंजाब और हरियाणा में भी नौतपा का असर साफ दिखाई दे रहा है। खेतों में काम कर रहे किसानों को तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है। अमृतसर, हिसार और रोहतक जैसे इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस गर्मी का असर गेहूं भंडारण और पशुपालन पर भी पड़ सकता है। किसानों को पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छांव की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
महाराष्ट्र और गुजरात में गर्म हवाएं
महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है। नागपुर और अकोला जैसे शहरों में गर्मी चरम पर है। वहीं गुजरात के अहमदाबाद और कच्छ क्षेत्र में भी तेज गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं।समुद्री इलाकों में उमस के कारण परेशानी और बढ़ गई है। डॉक्टरों ने डिहाइड्रेशन से बचने के लिए अधिक पानी पीने की सलाह दी है।
किसानों पर क्या पड़ेगा असर?
नौतपा का असर खेती पर भी देखने को मिलता है। तेज गर्मी के कारण खेतों की नमी तेजी से कम होने लगती है। ऐसे में किसानों को सिंचाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- खेतों में सुबह या शाम के समय सिंचाई करें
- पशुओं को धूप से बचाएं
- फसलों में मल्चिंग का उपयोग करें
- गर्मी में काम करते समय शरीर को हाइड्रेट रखें
हालांकि माना जाता है कि अच्छा नौतपा बेहतर मानसून का संकेत भी देता है, जिससे खरीफ सीजन की खेती को फायदा मिल सकता है।
गर्मी से बचने के लिए क्या करें?
भीषण गर्मी और लू के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
- बाहर निकलते समय सिर ढककर रखें
- हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें
- खाली पेट धूप में बाहर न निकलें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
निष्कर्ष
Nautapa 2026 ने शुरुआत के साथ ही देशभर में गर्मी का असर बढ़ा दिया है। अगले 9 दिन कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। मौसम विभाग लगातार हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी कर रहा है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है। ग्रामीण भारत में नौतपा को केवल गर्मी नहीं बल्कि आने वाले मानसून का संकेत भी माना जाता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार नौतपा अच्छी बारिश का संकेत देगा।


