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Home योजना

NMAET Scheme: किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने वाली बड़ी योजना

NMAET Scheme: A major scheme to bring new technology to farmers

Fiza by Fiza
May 25, 2026
in योजना
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NMAET Scheme

NMAET Scheme

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NMAET Scheme: भारत में खेती अब केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रही। बदलते मौसम, बढ़ती लागत, कम होती उपज और बाजार की चुनौतियों के बीच किसानों को नई तकनीक और आधुनिक जानकारी की जरूरत तेजी से बढ़ी है। इसी जरूरत को देखते हुए केंद्र सरकार ने Ministry of Agriculture & Farmers Welfare के तहत “राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं प्रौद्योगिकी मिशन” यानी National Mission on Agricultural Extension and Technology (NMAET) की शुरुआत की। इस मिशन का उद्देश्य किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक, नई मशीनें, उन्नत बीज, डिजिटल जानकारी और वैज्ञानिक खेती के तरीके पहुंचाना है ताकि खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

यह मिशन खासतौर पर उन किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है जो कम लागत में ज्यादा उत्पादन चाहते हैं और खेती में नई तकनीक अपनाकर अपनी आय बढ़ाना चाहते हैं। पिछले कुछ वर्षों में इस योजना ने देशभर के लाखों किसानों को प्रशिक्षण, सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन देने का काम किया है।

क्या है NMAET Scheme?

राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं प्रौद्योगिकी मिशन एक केंद्रीय योजना है जिसे किसानों तक वैज्ञानिक खेती की जानकारी पहुंचाने के लिए शुरू किया गया था। इस मिशन के जरिए कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, राज्य सरकारें और कृषि विशेषज्ञ मिलकर किसानों को नई तकनीकों से जोड़ते हैं।

इस योजना के अंतर्गत किसानों को कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं जैसे:

  • आधुनिक खेती तकनीकों की जानकारी
  • उन्नत कृषि उपकरणों का उपयोग
  • डिजिटल कृषि सेवाएं
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम
  • खेत प्रदर्शन (Field Demonstration)
  • जैविक खेती और प्राकृतिक खेती की जानकारी
  • जल संरक्षण तकनीक
  • फसल प्रबंधन और रोग नियंत्रण

सरकार का मानना है कि यदि किसानों तक सही समय पर सही जानकारी पहुंचे तो खेती की लागत कम और उत्पादन ज्यादा किया जा सकता है।

योजना की शुरुआत कैसे हुई?

देश में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों तक तकनीक पहुंचाने के उद्देश्य से वर्ष 2014-15 में इस मिशन को शुरू किया गया। इससे पहले कई कृषि योजनाएं अलग-अलग विभागों में चल रही थीं, लेकिन किसानों तक उनकी जानकारी पूरी तरह नहीं पहुंच पा रही थी। इसी कारण सरकार ने कृषि विस्तार सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए इस मिशन को लागू किया।

इस योजना के जरिए खेती से जुड़ी चार प्रमुख गतिविधियों को एक साथ जोड़ा गया:

  1. कृषि विस्तार
  2. बीज एवं रोपण सामग्री
  3. पौध संरक्षण
  4. कृषि यंत्रीकरण

सरकार का उद्देश्य था कि किसान केवल खेती तक सीमित न रहें बल्कि नई तकनीक, बाजार और वैज्ञानिक सलाह से भी जुड़ें।

किसानों को इस योजना से क्या फायदा मिलता है?

राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं प्रौद्योगिकी मिशन किसानों के लिए कई तरह से फायदेमंद साबित हो रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाना है।

आधुनिक खेती की जानकारी

किसानों को नई कृषि तकनीकों, मौसम आधारित खेती, ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग, जैविक खेती और स्मार्ट फार्मिंग की जानकारी दी जाती है।

प्रशिक्षण और कार्यशालाएं

गांव स्तर पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं जहां कृषि विशेषज्ञ किसानों को खेती के नए तरीके समझाते हैं।

कृषि मशीनों का उपयोग

कई राज्यों में किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग और सब्सिडी की जानकारी भी इसी मिशन के तहत दी जाती है।

डिजिटल खेती को बढ़ावा

मोबाइल ऐप, ऑनलाइन पोर्टल और डिजिटल सलाह के जरिए किसानों तक मौसम, मंडी भाव और फसल रोगों की जानकारी पहुंचाई जाती है।

फसल सुरक्षा

किसानों को कीट और रोग नियंत्रण के वैज्ञानिक तरीके बताए जाते हैं ताकि फसल नुकसान कम हो सके।

महिलाओं और युवा किसानों को लाभ

इस योजना में महिला किसानों और युवा उद्यमियों को भी प्रशिक्षण और प्रोत्साहन दिया जाता है।

योजना के तहत कौन-कौन सी गतिविधियां शामिल हैं?

राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं प्रौद्योगिकी मिशन कई उप-योजनाओं के जरिए काम करता है। इनमें प्रमुख हैं:

सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन (SMAE)

इसका उद्देश्य किसानों तक कृषि जानकारी पहुंचाना है।

सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मैटेरियल (SMSP)

इसके तहत उन्नत बीजों को बढ़ावा दिया जाता है।

सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM)

कृषि मशीनों और उपकरणों को किसानों तक पहुंचाने का काम करता है।

सब मिशन ऑन प्लांट प्रोटेक्शन एंड प्लांट क्वारंटाइन (SMPP)

फसल सुरक्षा और रोग नियंत्रण से जुड़ी जानकारी दी जाती है।

किसान इस योजना का फायदा कैसे उठाएं?

किसान इस योजना का लाभ आसानी से उठा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने जिले के कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करना होता है।

लाभ लेने के प्रमुख तरीके

  • कृषि विभाग में पंजीकरण
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना
  • कृषि मेले और प्रदर्शनियों में शामिल होना
  • राज्य कृषि पोर्टल पर आवेदन करना
  • कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करना

कई राज्यों में किसान ऑनलाइन आवेदन करके भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

योजना की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया क्या है?

राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं प्रौद्योगिकी मिशन के तहत अलग-अलग राज्यों में आवेदन प्रक्रिया थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:

स्टेप 1: नजदीकी कृषि कार्यालय जाएं

किसान अपने ब्लॉक या जिला कृषि कार्यालय में संपर्क करें।

स्टेप 2: आवेदन फॉर्म भरें

योजना से संबंधित आवेदन फॉर्म भरना होता है।

स्टेप 3: जरूरी दस्तावेज जमा करें

दस्तावेजों की जांच के बाद किसान का पंजीकरण किया जाता है।

स्टेप 4: प्रशिक्षण या योजना चयन

योग्य किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता या सब्सिडी कार्यक्रम में शामिल किया जाता है।

किन दस्तावेजों की जरूरत होती है?

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के पास कुछ जरूरी दस्तावेज होने चाहिए:

  • आधार कार्ड
  • पहचान पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • बैंक पासबुक
  • मोबाइल नंबर
  • भूमि रिकॉर्ड या खतौनी
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • किसान पंजीकरण नंबर (यदि लागू हो)

कुछ राज्यों में जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र भी मांगा जा सकता है।

कौन-कौन से राज्यों में किसान योजना का लाभ उठा सकते हैं?

यह एक केंद्रीय योजना है इसलिए लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत देशभर के किसान इसका लाभ उठा सकते हैं।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी इस मिशन के तहत विशेष कृषि विस्तार कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

पिछले 5 सालों में किसानों को कितना फायदा मिला?

पिछले पांच वर्षों में इस मिशन के तहत लाखों किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाई गई है। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कृषि मेलों और खेत प्रदर्शन गतिविधियों के जरिए किसानों को नई खेती तकनीकों से जोड़ा गया।

प्रमुख उपलब्धियां

  • लाखों किसानों को कृषि प्रशिक्षण
  • कृषि मशीनों के उपयोग में वृद्धि
  • उन्नत बीजों का प्रसार
  • डिजिटल कृषि सेवाओं का विस्तार
  • प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा
  • फसल उत्पादकता में सुधार

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मिशन ने किसानों को वैज्ञानिक खेती की तरफ तेजी से प्रेरित किया है।

खेती में तकनीक क्यों जरूरी होती जा रही है?

आज खेती केवल मेहनत से नहीं बल्कि सही तकनीक से भी जुड़ी हुई है। बदलते मौसम और जल संकट के कारण किसानों को नई तकनीकों की जरूरत बढ़ गई है।

तकनीक से मिलने वाले फायदे

  • पानी की बचत
  • कम लागत
  • ज्यादा उत्पादन
  • रोग नियंत्रण
  • बेहतर गुणवत्ता
  • बाजार तक आसान पहुंच

इसी कारण सरकार लगातार डिजिटल और स्मार्ट खेती को बढ़ावा दे रही है।

कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका

देशभर में मौजूद Krishi Vigyan Kendra इस मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये केंद्र किसानों को प्रशिक्षण, बीज, तकनीकी सलाह और फसल प्रबंधन की जानकारी देते हैं।

कई किसान अब कृषि विज्ञान केंद्रों की मदद से नई फसलें और आधुनिक खेती तकनीक अपना रहे हैं।

महिला किसानों के लिए भी फायदेमंद

इस मिशन में महिला किसानों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। ग्रामीण महिलाओं को मशरूम खेती, मधुमक्खी पालन, जैविक खेती और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इससे महिलाओं की आय बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।

युवा किसानों के लिए नए अवसर

कृषि क्षेत्र में युवा किसानों को स्टार्टअप, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई और एग्री-टेक से जोड़ने का काम भी इस मिशन के जरिए किया जा रहा है। आज कई युवा किसान डिजिटल खेती और आधुनिक मशीनों की मदद से अच्छी कमाई कर रहे हैं।

किसानों के सामने अभी भी क्या चुनौतियां हैं?

हालांकि योजना का लाभ लाखों किसानों तक पहुंचा है लेकिन अभी भी कई चुनौतियां मौजूद हैं।

प्रमुख समस्याएं

  • ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी की कमी
  • इंटरनेट और डिजिटल सुविधा की समस्या
  • छोटे किसानों तक तकनीक की सीमित पहुंच
  • प्रशिक्षण कार्यक्रमों की कमी
  • कृषि मशीनों की ऊंची कीमत

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गांव स्तर पर जागरूकता और प्रशिक्षण बढ़ाया जाए तो योजना का लाभ और ज्यादा किसानों तक पहुंच सकता है।

सरकार का आगे का लक्ष्य क्या है?

सरकार आने वाले वर्षों में खेती को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने पर जोर दे रही है। ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मौसम आधारित खेती और डिजिटल सलाह को गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।  राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं प्रौद्योगिकी मिशन को भी इसी दिशा में मजबूत किया जा रहा है ताकि किसान बदलते समय के साथ आधुनिक खेती अपना सकें।

निष्कर्ष

राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं प्रौद्योगिकी मिशन किसानों को नई तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और आधुनिक खेती से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण योजना बन चुकी है। इस योजना का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं बल्कि किसानों की आय और खेती की गुणवत्ता में सुधार करना भी है।

यदि किसान सही जानकारी, प्रशिक्षण और तकनीक का उपयोग करें तो कम लागत में ज्यादा उत्पादन हासिल किया जा सकता है। आने वाले समय में यह मिशन भारतीय कृषि को और अधिक आधुनिक और मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

Tags: Agricultural Extension MissionAgricultural Mechanization SchemeAgriculture Development MissionAgriculture Technology for FarmersAgriculture Technology Scheme IndiaDigital Farming SchemeFarmer Subsidy SchemeFarmer Training SchemeGovernment Agriculture SchemeIndian Farmer Welfare SchemeKrishi Yojana IndiaModern Farming IndiaNational Mission on Agricultural Extension and TechnologyNMAET SchemeSmart Farming India
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