प्रधानमंत्री Narendra Modi ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दमन में लगभग ₹2,970 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास कर केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन-दीव के विकास को नई दिशा दी। स्वास्थ्य, विमानन, पर्यटन, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि दमन आज “मिनी इंडिया” के रूप में उभर रहा है, जहां देश के विभिन्न हिस्सों के लोग एक साथ रहकर भारत की विविधता और एकता का शानदार उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र ने विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और यहां लागू किए गए सुशासन मॉडल ने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं का आज शुभारंभ किया गया है, वे केवल भवनों और सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये क्षेत्र के युवाओं, किसानों, उद्यमियों और आम नागरिकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेंगी। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पर्यटन के विकास से दमन आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल होगा।
मजबूत अर्थव्यवस्था का प्रमाण
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में भारत ने 7.7 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर हासिल की है, जबकि वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में यह वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक चुनौतियों और अनिश्चितताओं के बावजूद भारत लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। यह उपलब्धि 140 करोड़ भारतीयों की मेहनत, सरकार की नीतियों और देश के मजबूत आर्थिक आधार का परिणाम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर निवेश और गरीब कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रमुख विकास इंजन के रूप में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा।
हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को भी विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि दीव देश का ऐसा क्षेत्र बन चुका है जहां सभी सरकारी भवन सौर ऊर्जा से संचालित हो रहे हैं। उन्होंने लोगों से रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को अपनाने और वृक्षारोपण अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने में स्थानीय नागरिकों की भूमिका सराहनीय रही है। दमन और दीव में चल रहे स्वच्छता अभियानों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आयाम
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़े दर्शाते हैं कि अब भारत में 90 प्रतिशत से अधिक प्रसव अस्पतालों में हो रहे हैं, जबकि पहले यह स्थिति काफी अलग थी।
उन्होंने कहा कि मिशन इंद्रधनुष के कारण बच्चों के पूर्ण टीकाकरण की दर लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब और मध्यम वर्ग के करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है। आयुष्मान कार्ड और जन औषधि केंद्रों के माध्यम से परिवारों के लगभग सवा दो लाख करोड़ रुपये बचाए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने दमन में आधुनिक अस्पताल के उद्घाटन का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के लोगों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक शैक्षणिक संस्थानों और नए कौशल विकास कार्यक्रमों के कारण अब युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ रहा है।
उन्होंने दमन में नए तकनीकी पाठ्यक्रमों और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) परिसर की आधारशिला रखे जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। ड्रोन तकनीक, सूचना प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण भविष्य के भारत के लिए कुशल कार्यबल तैयार करेगा।
पर्यटन और उद्योग को मिलेगा नया प्रोत्साहन
प्रधानमंत्री ने कहा कि दमन और दीव पर्यटन की अपार संभावनाओं वाले क्षेत्र हैं। पिछले कुछ वर्षों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग दस गुना वृद्धि हुई है। आधुनिक सी-फ्रंट, हेरिटेज कॉम्प्लेक्स, नाइट मार्केट और अन्य पर्यटन सुविधाओं ने इस क्षेत्र को नई पहचान दी है।
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क, हवाई और समुद्री कनेक्टिविटी से व्यापार और पर्यटन दोनों को गति मिलेगी। ट्रांसपोर्ट नगर जैसी परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूत करेंगी, जबकि नमो एयरपोर्ट और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं क्षेत्र को वैश्विक निवेश के लिए आकर्षक बनाएंगी।
विकास की नई उड़ान
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार दमन, दीव और दादरा एवं नगर हवेली के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं, किसानों, महिलाओं और उद्यमियों से विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए विश्वास जताया कि यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल होगा।
प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई ₹2,970 करोड़ की परियोजनाएं केवल बुनियादी ढांचे का विस्तार नहीं हैं, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन, स्वास्थ्य सुधार, पर्यटन संवर्धन और आर्थिक प्रगति की नई कहानी लिखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन परियोजनाओं से दमन और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।

