अरुणाचल प्रदेश में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के साथ व्यापक हवाई एवं जमीनी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया, पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हर प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचाएंगी तथा किसी भी जरूरतमंद को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा और हर पात्र परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
हवाई सर्वेक्षण के साथ गांवों में पहुंचकर लिया हालात का जायजा
केंद्रीय मंत्री ने केयी पान्योर जिले सहित कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद उन्होंने सड़क मार्ग से विभिन्न गांवों का दौरा कर लोगों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित घरों, खेतों और अन्य स्थानों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और प्रशासन को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और पुनर्वास सुनिश्चित करना है।
“दुःख बांटने से कम होता है, आप अकेले नहीं हैं”
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान शिवराज सिंह चौहान भावुक नजर आए। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों से बातचीत करते हुए कहा कि कठिन समय में एक-दूसरे का साथ देना ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
उन्होंने कहा, “दुःख बांटने से कम होता है। आप अकेले नहीं हैं। केंद्र और राज्य सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है।” उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार केवल हालात का निरीक्षण करने नहीं आई है, बल्कि हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
घर, खेत और पशुधन के नुकसान का होगा पूरा आकलन
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि बाढ़ से जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त या पूरी तरह बह गए हैं, उनके लिए नए घर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा किसानों की फसलों, कृषि भूमि और पशुधन को हुए नुकसान का भी विस्तृत सर्वे कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नुकसान के आकलन के आधार पर प्रभावित किसानों और परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही तत्काल राहत के रूप में राशन, पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई जा रही है ताकि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
प्रधानमंत्री मोदी लगातार स्थिति पर रख रहे हैं नजर
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं अरुणाचल प्रदेश की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उन्होंने प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियां राज्य सरकार के साथ मिलकर राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटी हुई हैं। प्रशासन की कोशिश है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य जनजीवन बहाल किया जाए और बुनियादी सुविधाएं फिर से उपलब्ध कराई जाएं।
स्थानीय समुदाय के प्रयासों की सराहना
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्थानीय लोगों द्वारा किए जा रहे सामुदायिक प्रयासों की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने देखा कि ग्रामीण बिना किसी औपचारिक सहायता की प्रतीक्षा किए स्वयं क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत और नदी के पानी को गांव में प्रवेश से रोकने के लिए सुरक्षा दीवार (प्रोटेक्शन वॉल) का निर्माण कर रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं भी इस कार्य में हाथ बंटाया और लोगों के साथ मिलकर श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि समाज की यह एकजुटता और सहयोग की भावना पूरे देश के लिए प्रेरणा है।
उन्होंने कहा कि यदि समाज और सरकार मिलकर कार्य करें तो बड़ी से बड़ी चुनौती का भी प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों की इस पहल को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाते हैं।
राहत और पुनर्वास में नहीं होगी कोई कमी
केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र पहुंचाया जाए और पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल तत्काल राहत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और दीर्घकालिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
राज्यपाल से की मुलाकात, राहत कार्यों पर हुई चर्चा
अरुणाचल प्रदेश दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने ईटानगर स्थित लोकभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) कैवल्य त्रिविक्रम परनाइक से शिष्टाचार भेंट भी की। इस दौरान राज्य में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की गई और प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से राहत कार्यों को और तेज किया जाए ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिल सके।
जल्द सामान्य होगा जनजीवन
दौरे के अंत में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास जताया कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से अरुणाचल प्रदेश जल्द ही इस प्राकृतिक आपदा से उबर जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ राहत एवं पुनर्वास कार्यों में लगी हुई हैं और किसी भी प्रभावित परिवार को सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं चुनौती जरूर होती हैं, लेकिन एकजुट प्रयासों, संवेदनशील प्रशासन और समाज की भागीदारी से हर संकट पर विजय पाई जा सकती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से अरुणाचल प्रदेश जल्द ही फिर से सामान्य स्थिति में लौटेगा और विकास की गति पहले की तरह आगे बढ़ेगी।

