भारत सरकार देश में Aquaculture, Fish Processing और Seafood Export को नई गति देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PM Matsya Sampada Yojana – PMMSY) के तहत बड़े स्तर पर Integrated Aqua Parks विकसित कर रही है। इन एकीकृत एक्वा पार्कों का उद्देश्य मत्स्य पालन और जलीय कृषि (Aquaculture) से जुड़े सभी प्रमुख कार्यों को एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है, ताकि उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात तक पूरी Value Chain को मजबूत किया जा सके।
मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अनुसार अब तक ₹713.80 करोड़ की लागत से देशभर में 12 Integrated Aqua Parks की स्थापना को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें आंध्र प्रदेश में ₹88.08 करोड़ की लागत से एक आधुनिक Integrated Aqua Park विकसित किया जाएगा, जिसमें Seafood Processing Park, Shrimp Farming, Marine Finfish, Crab Culture, Seaweed Farming और Ornamental Fisheries जैसी अनेक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
यह जानकारी मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
क्या है Integrated Aqua Park?
Integrated Aqua Park एक ऐसा आधुनिक केंद्र है जहां मत्स्य पालन और जलीय कृषि से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां एक ही स्थान पर संचालित की जाती हैं। इसका उद्देश्य किसानों, मछुआरों, उद्यमियों और निर्यातकों को उत्पादन से लेकर Processing, Packaging, Branding, Cold Chain, Marketing और Export तक सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सरकार का मानना है कि इस प्रकार के एकीकृत पार्क मत्स्य क्षेत्र की पूरी Value Chain को मजबूत करेंगे और निवेश, रोजगार तथा निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे।
PM Matsya Sampada Yojana के तहत 12 Aqua Parks को मंजूरी
मत्स्य पालन विभाग ने बताया कि PM Matsya Sampada Yojana (PMMSY) के अंतर्गत देशभर में कुल 12 Integrated Aqua Parks को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं पर ₹713.80 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
इन पार्कों को स्थानीय आवश्यकताओं और क्षेत्र विशेष की मत्स्य गतिविधियों के अनुसार विकसित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक राज्य अपनी समुद्री एवं अंतर्देशीय मत्स्य क्षमता का अधिकतम उपयोग कर सके।
आंध्र प्रदेश में बनेगा आधुनिक Aqua Park
आंध्र प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए केंद्र सरकार ने ₹88.08 करोड़ की लागत से एक Integrated Aqua Park स्थापित करने की स्वीकृति दी है।
इस पार्क में निम्नलिखित प्रमुख सुविधाएं विकसित की जाएंगी—
- आधुनिक Seafood Processing Park
- Shrimp Farming अवसंरचना
- Marine Finfish उत्पादन
- Crab Culture
- Seaweed Farming
- Ornamental Fish Production
- आधुनिक प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन सुविधाएं
सरकार का मानना है कि यह परियोजना आंध्र प्रदेश को देश के प्रमुख Seafood Processing Hub के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
केंद्र और राज्यों के बीच होगा लागत साझा
Integrated Aqua Parks को PMMSY की Centrally Sponsored Scheme (CSS) के तहत विकसित किया जा रहा है।
वित्तीय सहायता का पैटर्न इस प्रकार है—
- पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्य – 90% केंद्र और 10% राज्य सरकार।
- अन्य राज्य – 60% केंद्र और 40% राज्य सरकार।
- केंद्र शासित प्रदेश – परियोजना की 100% लागत केंद्र सरकार वहन करेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य राज्यों को बड़े स्तर पर मत्स्य अवसंरचना विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
Fish Processing और Value Addition पर विशेष जोर
सरकार का लक्ष्य केवल मत्स्य उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि Value Addition, Branding और Export-oriented Manufacturing को भी मजबूत करना है।
इसी उद्देश्य से देशभर में कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की गई हैं।
सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम
- Production & Processing Clusters
देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 34 Production एवं Processing Clusters अधिसूचित किए गए हैं। इनका उद्देश्य स्थानीय मत्स्य उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना है।
- Fishing Harbours का विकास
सरकार ने 11 नए Fishing Harbours के निर्माण तथा 11 मौजूदा Fishing Harbours के आधुनिकीकरण एवं उन्नयन को मंजूरी दी है। इससे समुद्री मत्स्य गतिविधियों और निर्यात को नई गति मिलने की उम्मीद है।
- Modern Fish Landing Centres
मछली की सुरक्षित हैंडलिंग और Post Harvest Loss कम करने के लिए 23 आधुनिक Fish Landing Centres को स्वीकृति दी गई है।
- Deep Sea Fishing Vessels
समुद्री मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और प्रसंस्करण उद्योग को पर्याप्त कच्चा माल उपलब्ध कराने के लिए 284 Deep Sea Fishing Vessels को मंजूरी दी गई है।
- Value Added Enterprises
मत्स्य उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और निर्यात बढ़ाने के लिए 121 Value Added Enterprise Units को समर्थन दिया गया है।
- Integrated Aqua Parks
देशभर में 12 Integrated Aqua Parks को एंड-टू-एंड Aquaculture Value Chain विकसित करने के उद्देश्य से स्वीकृति प्रदान की गई है।
FIDF के तहत 18 Export Infrastructure Projects
मत्स्य पालन और जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (Fisheries and Aquaculture Infrastructure Development Fund – FIDF) के तहत सरकार निजी कंपनियों और उद्यमियों को भी प्रोत्साहित कर रही है।
इस योजना के अंतर्गत अब तक 18 Export Promotion Projects को मंजूरी दी गई है। इनमें प्रमुख रूप से—
- आधुनिक Fish Processing Plants
- Cold Chain Infrastructure
- Value Addition Units
- Export-oriented Fisheries Infrastructure
का निर्माण एवं विस्तार शामिल है।
इन परियोजनाओं से भारतीय समुद्री उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
Skill Development पर सरकार का विशेष फोकस
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधुनिक अवसंरचना के साथ-साथ Skill Development भी मत्स्य क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण आधार है।
इसी उद्देश्य से PM Matsya Sampada Yojana के तहत मछुआरों, मछली किसानों और मत्स्य उद्योग से जुड़े श्रमिकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इन कार्यक्रमों में आधुनिक मत्स्य तकनीक, वैज्ञानिक जलीय कृषि, Fish Processing, गुणवत्ता प्रबंधन, विपणन, व्यवसाय प्रबंधन और मूल्य संवर्धन जैसे विषय शामिल हैं।
NFDB ने आयोजित किए 4,041 प्रशिक्षण कार्यक्रम
मत्स्य पालन विभाग ने National Fisheries Development Board (NFDB) को प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए नोडल एजेंसी बनाया है।
NFDB के अनुसार अब तक—
- 4,041 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
- इन कार्यक्रमों से 1,75,261 मछुआरे, मत्स्य किसान और उद्योग से जुड़े श्रमिक लाभान्वित हुए हैं।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने, उत्पादकता बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहन मिला है।
Blue Economy को मिलेगा नया आधार
विशेषज्ञों का मानना है कि Integrated Aqua Parks केवल उत्पादन केंद्र नहीं होंगे, बल्कि ये Blue Economy के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इन पार्कों में उत्पादन, प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध होने से मत्स्य क्षेत्र में निवेश और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।
साथ ही छोटे मछली किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों, Fish Farmer Producer Organizations (FFPOs) और निजी उद्यमियों को भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
Seafood Export को मिलेगी नई गति
भारत पहले से ही दुनिया के प्रमुख समुद्री खाद्य निर्यातक देशों में शामिल है। सरकार का लक्ष्य Seafood Export, Value-added Fish Products और Processed Seafood के निर्यात को और अधिक बढ़ाना है।
Integrated Aqua Parks और आधुनिक Fish Processing Infrastructure विकसित होने से भारतीय समुद्री उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा, अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन आसान होगा और निर्यात प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PM Matsya Sampada Yojana) के तहत विकसित किए जा रहे 12 Integrated Aqua Parks भारत के मत्स्य और जलीय कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण कदम हैं। ₹713.80 करोड़ की इन परियोजनाओं, आंध्र प्रदेश में ₹88.08 करोड़ के Aqua Park, 34 Production & Processing Clusters, 11 नए Fishing Harbours, 23 Modern Fish Landing Centres, 121 Value Added Units, 18 Export Infrastructure Projects और NFDB द्वारा आयोजित 4,041 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार उत्पादन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, निर्यात और कौशल विकास को एकीकृत रूप से आगे बढ़ा रही है। इन पहलों से Aquaculture, Seafood Processing, Blue Economy और Fisheries Export को नई मजबूती मिलने के साथ-साथ लाखों मछुआरों और मत्स्य उद्यमियों की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।

