ֆ:अमरोहा के उप कृषि निदेशक राम प्रवेश ने बताया कि रैट फीवर समेत कई संक्रामक बीमारियों का स्रोत चूहे और छछूंदर होते हैं। ये न केवल फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पायरोसिस, प्लेग और रैट फीवर जैसी बीमारियों के कारक भी बनते हैं। स्क्रब टाइफस एक गंभीर रोग है, जिसमें डेंगू की तरह प्लेटलेट्स की संख्या घट जाती है, और बुखार, खुजली, व लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।§ֆ:उन्होंने बताया कि चूहे और छछूंदर खेतों की मेड़ों और झाड़ियों में बिल बनाकर रहते हैं और फसलों को औसतन 6 से 7 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके लिए गांवों में झाड़ियों की कटाई, जलभराव की सफाई और अन्न भंडारण की सुरक्षित व्यवस्थाओं पर जोर दिया जा रहा है।§ֆ:§֍:कृषि विभाग की सलाहें और उपाय इस प्रकार हैं:§ֆ:• अन्न को कंक्रीट या धातु के बर्तनों में संग्रहित करें ताकि चूहों की पहुंच न हो।
• झाड़ियों और मेड़ों की नियमित सफाई करें, जहां चूहे बिल बनाते हैं।
• प्राकृतिक शिकारी जैसे बिल्ली, उल्लू, लोमड़ी और बाज को संरक्षण दें, जो चूहों की संख्या नियंत्रित करने में सहायक हैं।
• चूहा मार दवा (ब्रोमेडियोलोन 0.005%) से बने चारे की 10 ग्राम मात्रा हर बिल के पास रखें, ताकि चूहे उसे खाकर मर सकें।
• रासायनिक नियंत्रण के लिए, 10 ग्राम जिंक फास्फाइड को 250–300 ग्राम दलिया या 500 ग्राम आटे में मिलाकर छोटी गोलियां बनाएं और उन्हें चूहों के बिलों के पास रखें।
• पिंजरे या चूहादानी का उपयोग कर चूहों को पकड़कर आबादी से दूर छोड़ा जा सकता है।
§ֆ:साथ ही, कीटनाशक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों को साफ-सफाई, संचारी रोगों और चूहा नियंत्रण की जानकारी दें। सभी दुकानदारों को स्टॉक बोर्ड और रेट सूची दुकान के बाहर लगाने और प्रत्येक ग्राहक को कैश मेमो प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने गांवों में जलभराव न होने दें और फसलों को चूहों से बचाने के लिए सुझाए गए उपायों को अपनाएं। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत इस तरह की सक्रियता ग्रामीण स्वास्थ्य और फसल सुरक्षा दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है
§उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में रैट फीवर (चूहा जनित बुखार) के मामलों के सामने आने के बाद दुसरे जिलों के अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। अमरोहा जिले का कृषि विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग ने किसानों और ग्रामीणों को इस बीमारी से सतर्क रहने की सलाह दी है और चूहों के प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की है।

