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AIF Scheme India:एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना: किसानों के लिए खेती बदलने वाली बड़ी पहल

AIF Scheme India:एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना: किसानों के लिए खेती बदलने वाली बड़ी पहल

Fiza by Fiza
May 16, 2026
in योजना
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AIF Scheme India:एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना: किसानों के लिए खेती बदलने वाली बड़ी पहल

AIF Scheme India

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AIF Scheme India: भारत में खेती लंबे समय तक सिर्फ उत्पादन तक सीमित रही, लेकिन फसल कटाई के बाद भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग की कमी के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने Agriculture Infrastructure Fund (AIF) यानी एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना की शुरुआत की। यह योजना किसानों, FPOs, कृषि स्टार्टअप्स और एग्री बिजनेस से जुड़े लोगों को मजबूत कृषि ढांचा तैयार करने के लिए आर्थिक सहायता देती है।

सरकार का लक्ष्य है कि गांव स्तर पर ऐसी सुविधाएं विकसित हों जिससे किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकें, बेहतर दाम पर बेच सकें और कृषि से जुड़ा व्यवसाय बढ़ा सकें। यह योजना आज देश के लाखों किसानों के लिए नई उम्मीद बन चुकी है।

एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना क्या है?

एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड एक केंद्रीय क्षेत्र योजना (Central Sector Scheme) है, जिसे भारत सरकार ने वर्ष 2020 में शुरू किया था। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है।इस योजना के तहत सरकार किसानों और कृषि उद्यमियों को कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराती है ताकि वे:

  • वेयरहाउस बना सकें
  • कोल्ड स्टोरेज स्थापित कर सकें
  • सॉर्टिंग और ग्रेडिंग यूनिट लगा सकें
  • फूड प्रोसेसिंग यूनिट शुरू कर सकें
  • एग्री लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन विकसित कर सकें
  • फार्म गेट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर सकें

सरकार ने इस योजना के लिए ₹1 लाख करोड़ का फंड तय किया है।

योजना की शुरुआत कैसे हुई?

कोरोना महामारी के दौरान यह महसूस किया गया कि भारत में कृषि उत्पादन तो अच्छा है, लेकिन स्टोरेज और प्रोसेसिंग की भारी कमी है। किसानों को मजबूरी में फसल सस्ते दाम पर बेचनी पड़ती थी।

इसी समस्या को देखते हुए जुलाई 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना लॉन्च की। इसका उद्देश्य गांवों में कृषि से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना था ताकि किसानों की आय बढ़ सके और कृषि क्षेत्र आधुनिक बन सके।

योजना का मुख्य उद्देश्य

एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के मुख्य उद्देश्य हैं:

  • किसानों की आय बढ़ाना
  • फसल की बर्बादी कम करना
  • गांव स्तर पर स्टोरेज सुविधाएं बढ़ाना
  • कृषि उत्पादों की वैल्यू एडिशन करना
  • किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना
  • कृषि क्षेत्र में रोजगार बढ़ाना
  • एग्री स्टार्टअप और FPO को मजबूत करना

किसानों को इस योजना से क्या फायदा मिलता है?

यह योजना केवल लोन देने तक सीमित नहीं है बल्कि किसानों को खेती को व्यवसाय में बदलने का अवसर देती है।

1. कम ब्याज पर लोन

योजना के तहत 3% तक ब्याज सब्सिडी मिलती है। यह लाभ ₹2 करोड़ तक के लोन पर उपलब्ध है।

2. क्रेडिट गारंटी सुविधा

₹2 करोड़ तक के लोन पर सरकार क्रेडिट गारंटी भी देती है। इससे किसानों को बैंक से लोन लेने में आसानी होती है।

3. फसल खराब होने का नुकसान कम

वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज बनने से फसल लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।

4. बेहतर दाम मिलने की संभावना

किसान तुरंत फसल बेचने की बजाय सही समय पर बाजार में बेच सकते हैं।

5. ग्रामीण रोजगार में बढ़ोतरी

प्रोसेसिंग यूनिट और कृषि केंद्र खुलने से गांवों में रोजगार के नए अवसर बनते हैं।

योजना के तहत किन परियोजनाओं को सहायता मिलती है?

इस योजना के तहत कई तरह की कृषि परियोजनाओं को फंडिंग दी जाती है:

  • वेयरहाउस
  • कोल्ड स्टोरेज
  • साइलो
  • पैक हाउस
  • ग्रेडिंग यूनिट
  • एग्री प्रोसेसिंग सेंटर
  • लॉजिस्टिक सेंटर
  • ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म
  • कस्टम हायरिंग सेंटर
  • ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं
  • फार्म मशीनरी बैंक

कौन-कौन किसान इस योजना का फायदा उठा सकते हैं?

योजना AIF Scheme India का लाभ केवल व्यक्तिगत किसान ही नहीं बल्कि कई अन्य संस्थाएं भी ले सकती हैं।

पात्र लाभार्थी

  • व्यक्तिगत किसान
  • किसान उत्पादक संगठन (FPO)
  • स्वयं सहायता समूह (SHG)
  • सहकारी समितियां
  • PACS
  • कृषि स्टार्टअप
  • एग्री-उद्यमी
  • संयुक्त देयता समूह (JLG)
  • बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियां

योजना की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया क्या है?

एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना में आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है।

आवेदन की प्रक्रिया

चरण 1:

सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाएं:

Agriculture Infrastructure Fund Portal

चरण 2:

“Apply Online” विकल्प चुनें।

चरण 3:

मोबाइल नंबर और ईमेल से रजिस्ट्रेशन करें।

चरण 4:

परियोजना की जानकारी भरें।

चरण 5:

जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।

चरण 6:

बैंक और लोन से जुड़ी जानकारी दर्ज करें।

चरण 7:

आवेदन जमा करें और आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।

योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

किसानों को आवेदन के दौरान कुछ जरूरी दस्तावेज देने होते हैं।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • भूमि संबंधी दस्तावेज
  • निवास प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट
  • GST नंबर (यदि आवश्यक हो)
  • FPO या संस्था का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र

बैंक से लोन कैसे मिलता है?

आवेदन जमा होने के बाद संबंधित बैंक परियोजना का मूल्यांकन करता है। यदि परियोजना व्यवहारिक होती है तो बैंक लोन स्वीकृत कर देता है।

योजना में कई बैंक शामिल हैं:

  • SBI
  • PNB
  • बैंक ऑफ बड़ौदा
  • NABARD
  • ग्रामीण बैंक
  • सहकारी बैंक
  • NBFC

पिछले 5 सालों में किसानों को कितना फायदा मिला?

पिछले कुछ वर्षों में यह योजना तेजी से आगे बढ़ी है और देशभर में लाखों परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार:

  • 1.34 लाख से अधिक परियोजनाएं स्वीकृत
  • ₹75,000 करोड़ से अधिक राशि स्वीकृत
  • ₹1.20 लाख करोड़ से अधिक निवेश जुटा
  • हजारों वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज तैयार हुए

किन राज्यों में योजना का सबसे ज्यादा असर दिखा?

यह योजना लगभग सभी राज्यों में लागू है, लेकिन कुछ राज्यों ने इसमें बेहतर प्रदर्शन किया है।

प्रमुख राज्य

  • पंजाब
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • महाराष्ट्र
  • तमिलनाडु
  • आंध्र प्रदेश
  • कर्नाटक
  • असम
  • पश्चिम बंगाल

पंजाब और यूपी में योजना की सफलता

पंजाब में बड़ी संख्या में किसानों और कृषि उद्यमियों ने वेयरहाउस और प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित किए हैं। कई जिलों ने देशभर में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

उत्तर प्रदेश में FPO आधारित परियोजनाओं को तेजी से बढ़ावा मिला है, जिससे छोटे किसानों को सामूहिक रूप से लाभ मिला।

योजना से कृषि क्षेत्र में क्या बदलाव आया?

1. आधुनिक कृषि की ओर बढ़ते किसान

अब किसान केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं बल्कि प्रोसेसिंग और स्टोरेज की ओर भी बढ़ रहे हैं।

2. गांवों में नए बिजनेस मॉडल

ग्रामीण क्षेत्रों में मिनी फूड प्रोसेसिंग यूनिट और कोल्ड चेन नेटवर्क विकसित हो रहे हैं।

3. फसल की बर्बादी कम हुई

कोल्ड स्टोरेज और वैज्ञानिक भंडारण से सब्जी और फल उत्पादकों को फायदा हुआ।

4. एग्री स्टार्टअप को बढ़ावा

युवा उद्यमियों ने कृषि क्षेत्र में नई तकनीक और मशीनरी आधारित सेवाएं शुरू कीं।

योजना में आने वाली चुनौतियां

हालांकि योजना काफी उपयोगी है लेकिन कुछ चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं।

मुख्य समस्याएं

  • ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने में दिक्कत
  • छोटे किसानों को बैंक लोन में परेशानी
  • तकनीकी जानकारी की कमी
  • कई क्षेत्रों में धीमी स्वीकृति प्रक्रिया

सरकार क्या सुधार कर रही है?

सरकार योजना को और मजबूत बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है।

सुधार के प्रमुख कदम

  • ऑनलाइन पोर्टल को आसान बनाना
  • FPO को प्राथमिकता देना
  • ड्रोन और स्मार्ट फार्मिंग को जोड़ना
  • PM-KUSUM जैसी योजनाओं के साथ समन्वय
  • ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना

छोटे किसानों के लिए क्यों जरूरी है यह योजना?

भारत में अधिकांश किसान छोटे और सीमांत किसान हैं। इनके पास फसल स्टोर करने की सुविधा नहीं होती। ऐसे में वे कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर हो जाते हैं।

अगर गांव स्तर पर वेयरहाउस और प्रोसेसिंग यूनिट बनते हैं तो छोटे किसानों को बड़ा फायदा मिल सकता है।

इस योजना के जरिए किसान:

  • अपनी फसल बचा सकते हैं
  • ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं
  • सामूहिक खेती और मार्केटिंग कर सकते हैं
  • कृषि को व्यवसाय में बदल सकते हैं

महिलाओं और युवा किसानों के लिए अवसर

महिला स्वयं सहायता समूह और युवा एग्री स्टार्टअप भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। कई जगह महिलाओं ने फूड प्रोसेसिंग यूनिट शुरू कर गांव स्तर पर रोजगार पैदा किया है।

डिजिटल इंडिया से जुड़ी बड़ी पहल

यह योजना डिजिटल इंडिया मिशन से भी जुड़ी हुई है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है और किसान पोर्टल के माध्यम से अपनी परियोजना की स्थिति देख सकते हैं।

निष्कर्ष

एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना भारत की कृषि व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं देती बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का रास्ता भी दिखाती है।

अगर किसान सही योजना बनाकर वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट या अन्य कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करते हैं तो वे खेती से बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं। आने वाले वर्षों में यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि व्यवसाय दोनों को नई मजबूती देने वाली साबित हो सकती है।

ये भी पढ़े: Litchi Farming में Anthracnose Disease की पहचान और बचाव के उपाय

Tags: Agri Infrastructure SchemeAgriculture Business IndiaAgriculture Infrastructure FundAgriculture Infrastructure Fund SchemeAgriculture Loan SubsidyAIF Registration ProcessAIF Scheme IndiaCold Storage Scheme for FarmersFarmer Infrastructure LoanWarehouse Scheme India
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