देश में जारी गैस संकट और एलपीजी की आपूर्ति में आ रही दिक्कतों के बीच दिल्ली सरकार ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। राजधानी में अब हर घर तक पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस (PNG) पहुंचाने की दिशा में काम तेज कर दिया गया है। सरकार ने मिशन मोड में 4 लाख नए पीएनजी कनेक्शन लगाने की योजना तैयार की है, जिसके तहत अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दे दिए गए हैं।
दिल्ली सरकार का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण एलपीजी सप्लाई प्रभावित हो रही है। खासकर ‘होर्मुज स्ट्रेट’ में पैदा हुई स्थिति ने वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में पाइपलाइन गैस को बढ़ावा देना एक दीर्घकालिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
राजधानी में पहले से ही पीएनजी नेटवर्क का विस्तार हो चुका है। मौजूदा समय में करीब 14 लाख घरों तक पाइपलाइन गैस पहुंच चुकी है। अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 18 लाख कनेक्शन तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। यानी अगले चरण में 4 लाख नए परिवारों को इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। इससे न केवल एलपीजी पर निर्भरता कम होगी, बल्कि लोगों को सुरक्षित और निरंतर गैस आपूर्ति भी मिल सकेगी।
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने इस दिशा में तेजी लाने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल), शहरी विकास विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बचे हुए सभी कनेक्शनों को जल्द से जल्द आवंटित किया जाए और काम में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए।
मंत्री सूद ने बताया कि सरकार ने एक ठोस रणनीति तैयार की है, जिसके तहत घर-घर जाकर लोगों को पीएनजी कनेक्शन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि पाइपलाइन गैस न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि यह उपयोग में भी सुरक्षित और किफायती साबित होती है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी पाइपलाइन गैस के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। मार्च महीने में देशभर में 3.1 लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शनों के लिए गैस आपूर्ति शुरू की गई है, जबकि 2.7 लाख अतिरिक्त कनेक्शन जोड़े गए हैं। यह दर्शाता है कि सरकार स्वच्छ ईंधन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार का यह कदम न केवल मौजूदा गैस संकट से निपटने में मददगार होगा, बल्कि भविष्य के लिए एक स्थायी और सुरक्षित ऊर्जा समाधान भी प्रदान करेगा। अगर यह योजना समय पर पूरी होती है, तो आने वाले दिनों में राजधानी के लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है।

