असम ने अपने कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य की प्रसिद्ध सुगंधित चावल किस्म Joha Rice को पहली बार बड़े पैमाने पर यूरोप भेजा गया है। गुवाहाटी से 25 मीट्रिक टन जोहा चावल की खेप यूनाइटेड किंगडम और इटली के लिए रवाना की गई है। इसे असम के पारंपरिक कृषि उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इस निर्यात को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (एपीडा) के सहयोग से संभव बनाया गया। इस प्रक्रिया में असम के कृषि विभाग ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों के अनुसार गुवाहाटी से चावल को पहले सड़क मार्ग के जरिए कोलकाता ले जाया जाएगा और वहां से समुद्री मार्ग से यूरोप के लिए भेजा जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से स्थानीय उत्पादक समूहों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच सीधा व्यापारिक संपर्क स्थापित होगा। साथ ही यह भी साबित होगा कि असम के कृषि उत्पाद वैश्विक गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में सक्षम हैं।
जोहा चावल असम की पारंपरिक और सुगंधित चावल किस्म है, जिसकी खेती राज्य के कई जिलों में की जाती है। यह चावल अपनी विशिष्ट खुशबू, महीन दानों और समृद्ध स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। असम के पारंपरिक व्यंजनों में इसका व्यापक उपयोग होता है और इसकी गुणवत्ता के कारण यह प्रीमियम खाद्य बाजारों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। वर्ष 2017 में इसे भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया गया था, जिससे इसकी क्षेत्रीय पहचान को कानूनी संरक्षण मिला।
यूरोप में प्रवेश से पहले जोहा चावल का निर्यात एशिया और पश्चिम एशिया के कई देशों में भी किया जा चुका है। इससे पहले वियतनाम को एक मीट्रिक टन तथा कुवैत, बहरीन, कतर, ओमान और सऊदी अरब को दो-दो मीट्रिक टन चावल निर्यात किया गया था। इन निर्यातों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस पारंपरिक सुगंधित चावल की पहचान मजबूत हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार यूनाइटेड किंगडम और इटली को जोहा चावल का निर्यात असम के किसानों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार का मानना है कि GI टैग वाले कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देकर असम को अंतरराष्ट्रीय प्रीमियम बाजारों में मजबूत पहचान दिलाई जा सकती है।

