चीनी और एग्री-बेस्ड उद्योग की अग्रणी कंपनी Balrampur Chini Mills Limited (BCML) ने 23 अप्रैल 2026 को हुई बोर्ड बैठक में विकास, विस्तार और टिकाऊ (सस्टेनेबल) बिजनेस मॉडल को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। कंपनी ने फंड जुटाने से लेकर नए प्रोजेक्ट्स तक, भविष्य की रणनीति को स्पष्ट करते हुए बड़े निवेश की दिशा में कदम बढ़ाया है।
कंपनी की कार्यकारी निदेशक Avantika Saraogi ने कहा कि बोर्ड द्वारा लिए गए फैसले कंपनी के ग्रोथ रोडमैप को और मजबूत करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित फंड जुटाने का उद्देश्य विस्तार योजनाओं को गति देना और रणनीतिक परियोजनाओं में निवेश करना है, जिसमें उत्तर प्रदेश के कुंभी में प्रस्तावित जिप्सम प्रोसेसिंग प्लांट भी शामिल है। यह परियोजना कंपनी को अपने बाय-प्रोडक्ट्स से अतिरिक्त मूल्य सृजित करने में मदद करेगी और सस्टेनेबल ऑपरेशंस को बढ़ावा देगी।
₹450 करोड़ का फंड जुटाने का प्रस्ताव
बोर्ड ने प्रेफरेंशियल इश्यू के माध्यम से करीब ₹450 करोड़ तक की पूंजी जुटाने को मंजूरी दी है। इसके तहत कंपनी 93.16 लाख तक इक्विटी शेयर ₹483 प्रति शेयर की दर से जारी करेगी। यह शेयर प्रमोटर्स और प्रमुख संस्थागत निवेशकों को आवंटित किए जाएंगे। इस कदम से कंपनी को अपनी विस्तार योजनाओं के लिए मजबूत वित्तीय आधार मिलेगा।
20 मई को होगी EGM
इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी देने के लिए कंपनी 20 मई 2026 को एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) आयोजित करेगी, जिसमें शेयरधारकों की सहमति ली जाएगी। यह प्रक्रिया कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पारदर्शिता को भी दर्शाती है।
₹200 करोड़ तक NCD जारी करने की मंजूरी
कंपनी ने अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए ₹200 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) जारी करने की भी मंजूरी दी है। ये सुरक्षित (secured) और सूचीबद्ध (listed) डिबेंचर होंगे, जिन्हें प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किया जाएगा। इससे कंपनी को दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता मिलेगी।
PLA प्रोजेक्ट की लागत में बढ़ोतरी
BCML के 80,000 टन प्रति वर्ष क्षमता वाले PLA (Polylactic Acid) प्रोजेक्ट की लागत को संशोधित कर ₹3,080 करोड़ कर दिया गया है, जो पहले ₹2,850 करोड़ थी। कंपनी के अनुसार, यह वृद्धि लागत में बढ़ोतरी और डिजाइन में सुधार के कारण हुई है। यह प्रोजेक्ट बायो-आधारित और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कुंभी में जिप्सम प्रोसेसिंग प्लांट
बोर्ड ने उत्तर प्रदेश के कुंभी में लैक्टोजिप्सम प्रोसेसिंग प्लांट लगाने को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर लगभग ₹160 करोड़ का निवेश किया जाएगा। प्लांट की क्षमता प्रति वर्ष करीब 76 लाख जिप्सम बोर्ड बनाने की होगी। यह परियोजना न केवल औद्योगिक अपशिष्ट के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देगी बल्कि कंपनी की सस्टेनेबिलिटी रणनीति को भी मजबूत करेगी।
सस्टेनेबल ग्रोथ की ओर कदम
इन सभी फैसलों से स्पष्ट है कि बालरामपुर चीनी मिल्स केवल पारंपरिक चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वैल्यू एडिशन, ग्रीन टेक्नोलॉजी और विविधीकरण के जरिए अपने बिजनेस मॉडल को मजबूत कर रही है। कंपनी का फोकस अब बाय-प्रोडक्ट्स के बेहतर उपयोग, पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन और दीर्घकालिक विकास पर है।
कुल मिलाकर, BCML के ये कदम न केवल कंपनी के विस्तार की दिशा तय करते हैं, बल्कि यह भी संकेत देते हैं कि भारतीय एग्री-आधारित उद्योग तेजी से आधुनिक, टिकाऊ और वैल्यू-ड्रिवन मॉडल की ओर बढ़ रहा है। आने वाले समय में ये निवेश कंपनी को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

