ֆ:राज्य कृषि विभाग के अनुसार, बजट 2024-25 की घोषणा के तहत यह योजना लागू की गई है। इस योजना का लाभ ऐसे भूमिहीन खेतिहर मजदूर उठा सकते हैं, जिनके नाम पर कोई कृषि योग्य भूमि दर्ज नहीं है। लाभ पाने के लिए श्रमिक का मोबाइल नंबर और बैंक खाता जन आधार से लिंक होना अनिवार्य है।
§֍:कैसे होगा लाभार्थियों का चयन?§ֆ:ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच की अध्यक्षता में एक चयन समिति गठित की जाएगी, जिसमें कृषि पर्यवेक्षक, बीडीओ और पटवारी सदस्य होंगे। समिति द्वारा पात्र भूमिहीन खेतिहर मजदूरों की सूची तैयार की जाएगी। चयन में प्राथमिकता महिला कृषि श्रमिकों, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), बीपीएल और अन्य वंचित वर्गों को दी जाएगी।
§ֆ:§֍:आवेदन की प्रक्रिया:§ֆ:चयनित मजदूरों को “राज किसान साथी” मोबाइल ऐप पर जन आधार नंबर से आवेदन करना होगा। प्रशासनिक मंजूरी के बाद लाभार्थियों को पंजीकृत फर्मों से निर्धारित उपकरण या यंत्र खरीदने होंगे। मंजूरी मिलने के 45 दिनों के भीतर खरीदारी करनी अनिवार्य होगी। इसके बाद कृषि अधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के पश्चात लाभार्थी के खाते में 5,000 रुपये की सब्सिडी सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी।§֍:इन यंत्रों की खरीद पर मिलेगी सब्सिडी:§ֆ:• वी शेप हेवी रेक कम बंड मेकर
• 12 दातों की रेक
• ट्यूबलर मेज शेलर
• हैंड हो, खुरपी, सरेटेड सिकल
• मैन्युअल और बैटरी ऑपरेटेड स्प्रेयर
• झाड़ी काटने की कैंची, घास काटने की मशीन
• ग्राउंड नट डिकार्टिकेटर, स्ट्रिपर, सुगरकेन स्ट्रिपर
• व्हील बरो, ड्रम सीडर, कॉटन प्लकर, सोलर स्प्रेयर आदि।
§ֆ:यह योजना न केवल मजदूरों को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि कृषि में उनकी दक्षता और उत्पादन क्षमता भी बढ़ाएगी। इच्छुक लाभार्थी जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और इस योजना का लाभ उठाएं।§राजस्थान के भूमिहीन खेतिहर मजदूरों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने और कार्य क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि यंत्रों और उपकरणों की खरीद पर 5,000 रुपये की सब्सिडी देने का ऐलान किया है।

