पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) की मोहिंदर सिंह रंधावा लाइब्रेरी द्वारा विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लिए “TURNITIN ओरिजिनलिटी चेक सॉफ्टवेयर” के प्रभावी उपयोग पर एक ऑनलाइन प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति डॉ. सतीर सिंह गोसल ने की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष तथा विभिन्न विभागों के शिक्षक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में TURNITIN कंपनी के गौतम रावल ने सहभागियों को प्लेगियारिज्म डिटेक्शन सॉफ्टवेयर के नवीनतम फीचर्स के बारे में जानकारी दी और इसके वास्तविक उपयोग का डेमो प्रस्तुतीकरण भी किया। इस प्रशिक्षण से शिक्षकों को शोध पत्र, रिपोर्ट, प्रोजेक्ट्स तथा अन्य शैक्षणिक कार्यों में मौलिकता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
डॉ. गोसल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “इस आधुनिक तकनीकी युग में, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, शैक्षणिक ईमानदारी की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है। प्लेगियारिज्म बौद्धिक जगत के लिए एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है और TURNITIN जैसे सॉफ्टवेयर इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।” उन्होंने इस आयोजन के लिए PAU लाइब्रेरी के प्रयासों की सराहना की।
डॉ. योगिता शर्मा, मुख्य पुस्तकालयाध्यक्ष, PAU ने सभी अतिथियों, वक्ता एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। विश्वविद्यालय के बाहरी केंद्रों पर नियुक्त शिक्षकों ने भी इस कार्यक्रम में ऑनलाइन भाग लिया। प्रस्तुति के पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी जिज्ञासाएं स्पष्ट कीं।
कार्यक्रम का धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. संजीव कुमार ने प्रस्तुत किया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से PAU ने एक बार फिर यह साबित किया कि वह न केवल कृषि विज्ञान में अग्रणी है, बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता और नैतिक मूल्यों के प्रति भी प्रतिबद्ध है।

