Amit Shah ने लद्दाख में डेयरी अवसंरचना और सहकारिता क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने करगिल में ₹25 करोड़ की लागत से बनने वाले 10,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी प्लांट की आधारशिला रखी।
कार्यक्रम में Narendra Modi सरकार की सहकारिता आधारित विकास नीति को रेखांकित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह डेयरी प्लांट लद्दाख, विशेषकर करगिल की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर पर डेयरी गतिविधियों के माध्यम से महिलाएं परिवार की आय बढ़ा सकती हैं और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य में योगदान दे सकती हैं।
इस अवसर पर एक एंड्रॉइड आधारित EMCS (एएमसीएस) ऐप भी लॉन्च किया गया, जिससे दुग्ध उत्पादक अब अपने दूध का पूरा हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से एक ही प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे। इसके साथ ही ₹45 लाख की लागत से एक मोबाइल लैब भी शुरू की गई, जो दूध की गुणवत्ता जांच में मदद करेगी।
अमित शाह ने बताया कि लद्दाख में आईटीबीपी और सेना जैसे बड़े संस्थान डेयरी उत्पादों के प्रमुख उपभोक्ता हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर दूध, दही और पनीर का उत्पादन बढ़ने से इनकी जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
इस कार्यक्रम के दौरान लद्दाख मिल्क फेडरेशन और Mother Dairy के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) भी हुआ, जिससे लद्दाख के दुग्ध उत्पादों को देशभर के बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। अमित शाह ने कहा कि लद्दाख के ऑर्गेनिक उत्पादों को दिल्ली जैसे बड़े बाजारों से जोड़ना समय की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में लेह में ₹70 करोड़ की लागत से 50,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला नया डेयरी प्लांट स्थापित किया जाएगा। साथ ही, क्षेत्र की जलवायु के अनुरूप अच्छी नस्ल की गाय और भैंस उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि होगी।
देश के डेयरी क्षेत्र की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए अमित शाह ने कहा कि 2014-15 में भारत का दूध उत्पादन 146 मिलियन टन था, जो अब बढ़कर 248 मिलियन टन हो गया है—यानी 70 प्रतिशत की वृद्धि। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि देशभर में 2.36 लाख सहकारी समितियों और करीब 2 करोड़ दुग्ध उत्पादकों के सहयोग से संभव हुई है।
लद्दाख के विकास पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 2019 में केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद यहां विकास कार्यों में तेजी आई है। अब यहां का बजट बढ़कर लगभग ₹6000 करोड़ हो गया है, जो पहले ₹1000 करोड़ के आसपास था। सड़क, पुल, मोबाइल टावर और अन्य बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
अमित शाह ने यह भी कहा कि भविष्य में लद्दाख में पश्मीना, ऑर्गेनिक उत्पाद और शहद से संबंधित सहकारी संस्थाएं स्थापित की जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को नए रोजगार और आय के अवसर मिलेंगे।
अंत में उन्होंने लद्दाख के लोगों की देशभक्ति की सराहना करते हुए कहा कि जब-जब देश पर संकट आया है, लद्दाख के लोगों ने सबसे आगे रहकर देश की रक्षा की है। उन्होंने विश्वास जताया कि सहकारिता और विकास के नए अवसरों के साथ लद्दाख आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

