दुनिया के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में कृषि को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और जलवायु-अनुकूल बनाने के लिए वैश्विक विशेषज्ञों का बड़ा सम्मेलन भारत में होने जा रहा है। 10 से 12 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली में तीन दिवसीय Global Dryland Congress 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस में एशिया, अफ्रीका और अमेरिका सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों से 800 से अधिक वैज्ञानिक, नीति-निर्माता, किसान प्रतिनिधि और विकास भागीदार शामिल होंगे।
इस वर्ष कांग्रेस की Theme ‘दक्षिण-दक्षिण सहयोग से ड्राईलैंड खेती में बदलाव लाना’ रखी गई है। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और International Crops Research Institute for the Semi-Arid Tropics (ICRISAT) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
कांग्रेस का आयोजन नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर में होगा। यह आयोजन ICAR और ICRISAT के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर को भी विशेष रूप से रेखांकित करेगा।
दुनिया की 45 प्रतिशत भूमि Drylands
Dryland Agriculture आज वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुका है। दुनिया की कुल land surface का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा Drylands के अंतर्गत आता है और यहां 2 अरब से अधिक लोग निवास करते हैं।
इन क्षेत्रों में रहने वाली बड़ी आबादी छोटे और सीमांत किसानों की है, जिनकी आजीविका सीधे कृषि और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है। लेकिन Climate Change और बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों के कारण Dryland farmers के सामने कई नई समस्याएं खड़ी हो रही हैं।
Climate Variability, Land Degradation, Water Scarcity और Changing Markets जैसी चुनौतियां शुष्क क्षेत्रों में agricultural productivity और farmers’ livelihoods को प्रभावित कर रही हैं।
ऐसे समय में Global Dryland Congress 2026 का आयोजन Dryland Farming के लिए नई technologies, scientific research और policy solutions विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
छह प्रमुख विषयों पर होगा वैश्विक मंथन
तीन दिवसीय कांग्रेस में विशेषज्ञ छह प्रमुख thematic areas पर व्यापक चर्चा करेंगे। इनमें Breeding, Climate Resilience, Nutrition and Markets, Farming Systems, Seed Systems तथा Gender and Youth Inclusion शामिल हैं।
1. Crop Breeding
शुष्क क्षेत्रों के लिए ऐसी crop varieties विकसित करना जरूरी है जो कम पानी में भी बेहतर उत्पादन दे सकें और बदलती climatic conditions का सामना कर सकें। कांग्रेस में Crop Breeding और Genetic Improvement से जुड़ी नई research और innovations पर चर्चा होगी।
2. Climate Resilience
Climate-resilient agriculture कांग्रेस का एक प्रमुख focus area होगा। इसमें ऐसे farming systems और technologies पर चर्चा होगी जो drought, heat stress और unpredictable rainfall जैसी परिस्थितियों में भी किसानों की productivity को बनाए रखने में मदद कर सकें।
3. Nutrition और Markets
Dryland farming को केवल production के नजरिए से नहीं, बल्कि Nutrition और Market Opportunities से जोड़कर देखने पर भी जोर दिया जाएगा। किसानों को बेहतर market access, value addition और nutritious crops के माध्यम से अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराने पर विचार होगा।
4. Farming Systems
शुष्क क्षेत्रों में उपलब्ध सीमित प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए Integrated Farming Systems और sustainable agricultural practices पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य productivity के साथ-साथ soil, water और ecosystem health को बनाए रखना है।
5. Seed Systems
किसानों तक गुणवत्तापूर्ण और climate-resilient seeds पहुंचाना Dryland Agriculture की बड़ी जरूरत है। कांग्रेस में Seed Systems, Seed Access और Improved Varieties से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे।
6. Gender और Youth Inclusion
कृषि क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इसलिए Dryland Agriculture में Gender Equality और Youth Participation को बढ़ावा देने के लिए नई strategies पर भी चर्चा होगी।
South-South Cooperation बनेगा सम्मेलन का आधार
Global Dryland Congress 2026 का मुख्य उद्देश्य South-South Cooperation के जरिए Dryland Agriculture में परिवर्तन को गति देना है। विकासशील देशों के बीच scientific knowledge, technologies, innovations और policy experiences साझा करने को विशेष महत्व दिया जाएगा।
कांग्रेस के अंतिम दिन United Nations Day for South-South Cooperation भी मनाया जाएगा। इस अवसर पर Agricultural Research में South-South and Triangular Cooperation (SSTC) को आगे बढ़ाने के लिए विशेष समारोह और dedicated sessions आयोजित किए जाएंगे।
इन सत्रों का आयोजन CGIAR के साथ संयुक्त रूप से किया जाएगा।
‘Delhi Declaration on Drylands’ पर रहेगी नजर
कांग्रेस के समापन पर Delhi Declaration on Drylands (3D) को अपनाया जाएगा। यह Declaration Dryland Agriculture के भविष्य के लिए साझा priorities और cooperation का महत्वपूर्ण दस्तावेज बन सकता है।
इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान नई Partnerships, Memorandums of Understanding (MoUs) और Dryland Science में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों के लिए Awards की घोषणा भी की जाएगी।
इससे वैज्ञानिक संस्थानों, सरकारों, विकास संगठनों और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य stakeholders के बीच नए सहयोग की संभावनाएं मजबूत होने की उम्मीद है।
शिवराज सिंह चौहान करेंगे मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान Global Dryland Congress 2026 को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम में ICRISAT के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक, ICRISAT Board की अध्यक्ष सुश्री कैथी रीड, DARE के सचिव एवं ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट, CGIAR की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सैंड्रा मिलाच सहित कई प्रमुख वैज्ञानिक और कृषि विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
इसके अलावा ICAR के पूर्व महानिदेशक डॉ. आर.एस. परोदा, डॉ. पंजाब सिंह और डॉ. टी. मोहपात्रा, बेयरो विश्वविद्यालय, कानो, नाइजीरिया के Dryland Agriculture Centre के निदेशक प्रोफेसर एस.जी. मोहम्मद तथा ICRISAT के पूर्व महानिदेशक डॉ. विलियम डार समेत दुनिया भर के कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, researchers और agriculture leaders भी कांग्रेस में शामिल होंगे।
भारत के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर
भारत में बड़ी संख्या में किसान ऐसे क्षेत्रों में खेती करते हैं जहां पानी की उपलब्धता सीमित है और rainfall काफी अनिश्चित रहती है। ऐसे में Dryland Agriculture में innovations और climate-resilient farming technologies का महत्व तेजी से बढ़ रहा है।
Global Dryland Congress 2026 भारत को अपनी Agricultural Research, Climate-Smart Technologies, Crop Improvement, Seed Systems और Sustainable Farming Innovations को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर भी देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि Dryland regions के लिए विकसित होने वाली नई technologies और scientific solutions न केवल किसानों की productivity बढ़ाने में मदद कर सकती हैं, बल्कि Food Security, Natural Resource Management और Rural Livelihoods को भी मजबूत कर सकती हैं।
Dryland Farming के लिए बनेगा नया Global Roadmap
Global Dryland Congress 2026 ऐसे समय आयोजित हो रही है जब दुनिया Climate Change, Water Scarcity और Land Degradation जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में Dryland regions के लिए टिकाऊ agricultural solutions विकसित करना वैश्विक खाद्य व्यवस्था की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है।
नई दिल्ली में होने वाली यह कांग्रेस वैज्ञानिकों, policymakers, farmers, development partners और private sector को एक साझा मंच पर लाएगी। इससे Research-to-Farm connectivity, technology transfer और international collaboration को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कांग्रेस के दौरान होने वाली चर्चाओं, partnerships और Delhi Declaration on Drylands से आने वाले वर्षों में Dryland Agriculture के लिए एक नया global roadmap तैयार होने की संभावना है। दक्षिण-दक्षिण सहयोग के माध्यम से ज्ञान और तकनीक के आदान-प्रदान को बढ़ावा देकर शुष्क क्षेत्रों के करोड़ों किसानों के लिए अधिक Resilient, Sustainable और Profitable Agriculture की दिशा में रास्ता तैयार किया जा सकता है।

